जमशेदपुर : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय इन दिनों गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय संकट से गुजर रहा है। प्रभारी कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर 13 मई से करीब एक महीने के अवकाश पर हैं। इसी बीच उनके इस्तीफे की पेशकश की खबर से विश्वविद्यालय में असमंजस की स्थिति बन गई है। हालांकि कुलपति की ओर से अब तक इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। डॉ. सलोमी कुजूर की अनुपस्थिति में कुलपति प्रो. इला कुमार ने डॉ. अन्नपूर्णा झा को प्रभारी कुलसचिव की जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन उन्हें वित्तीय अधिकार नहीं दिए गए हैं। इसके कारण विश्वविद्यालय में भुगतान और प्रशासनिक स्वीकृति से जुड़ी कई फाइलें लंबित हो गई हैं।
वेतन भुगतान पर असर
रजिस्ट्रार कार्यालय में वित्तीय अनुमोदन लंबित रहने से शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन भुगतान प्रभावित हो गया है। इसका असर स्थायी, वोकेशनल, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों पर पड़ा है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन संबंधी फाइलें लगातार एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूम रही हैं, लेकिन अंतिम निर्णय लेने वाला अधिकृत अधिकारी नहीं होने से समस्या बढ़ती जा रही है।
मेस भुगतान अटका, छात्रावास व्यवस्था प्रभावित
विश्वविद्यालय छात्रावासों में भोजन उपलब्ध कराने वाले मेस वेंडरों का भुगतान भी लंबित है। वेंडरों ने चेतावनी दी है कि बकाया राशि नहीं मिलने पर खाद्य सामग्री की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे छात्रावासों की भोजन व्यवस्था पर संकट गहरा गया है और छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

वर्षों से प्रभारी व्यवस्था के भरोसे विश्वविद्यालय
सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय में स्थायी कुलसचिव की नियुक्ति नहीं होना मौजूदा संकट का बड़ा कारण है। कॉलेज से विश्वविद्यालय में उन्नयन के बाद अब तक नियमित कुलसचिव की नियुक्ति नहीं हो सकी है। वर्ष 2025 में जेपीएससी ने एक नियमित कुलसचिव का चयन किया था, लेकिन उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया। इसके बाद से विश्वविद्यालय प्रभारी व्यवस्था के सहारे संचालित हो रहा है।
नई व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी बेचैनी
प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि कुलपति कार्यालय को नए प्रभारी कुलसचिव के लिए नाम प्रस्तावित कर राजभवन भेजना चाहिए, ताकि प्रशासनिक और वित्तीय कार्य प्रभावित न हों। फिलहाल स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने से विश्वविद्यालय में असंतोष और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
वी. सी. स्टेटमेंट
डॉ सलोमी कुजूर ने प्रभारी कुल सचिव के पद से इस्तीफा देने की पेशकस की है। लेकिन लेकिन उनके चिकित्सा अवकाश पर होने के कारण इस पर तत्काल निर्णय संभव नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है साथ ही पूरे मामले से राजभवन को अवगत करा दिया गया है। राजभवन का जो निर्देश होगा विवि उसके अनुसार कार्य करेगा।
प्रो. इला कुमार, वीसी, वीमेंस यूनिवर्सिटी
ताजा खबरों के लिये हमारे न्यूज चैनल और वेवसाइट, पोर्टल न्यूज को लाइक और सब्सक्राइब करें – joharnewstimes.com
