घाटशिला कॉलेज विवाद: ‘प्रिंसिपल और प्रोफेसरों पर लगे आरोप झूठे और भ्रामक’, शिक्षक संघ ने खोला मोर्चा, विधायक से की जांच की मांग

"घाटशिला कॉलेज में राजनीति बनाम शिक्षा: शिक्षक संघ ने नकारे छात्र गुट के आरोप, कहा- विकास रोकने की हो रही है साजिश।

Johar News Times
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घाटशिला कॉलेज में पिछले कुछ दिनों से चल रहा विवाद अब गहरा गया है। संयुक्त छात्र मोर्चा द्वारा कॉलेज के प्राचार्य और दो वरिष्ठ शिक्षकों पर लगाए गए आरोपों को शिक्षक संघ और कॉलेज कर्मचारियों ने पूरी तरह से गलत, बेबुनियाद और भ्रामक करार दिया है। शुक्रवार को कॉलेज के सभागार में शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. दिलचंद राम की अध्यक्षता में एक आपातकालीन संयुक्त बैठक हुई, जिसमें इस दुष्प्रचार की कड़े शब्दों में निंदा की गई।

बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया कि कॉलेज परिसर के भीतर न तो कोई मंदिर बनाया गया था और ना ही किसी मंदिर को तोड़ा गया है। इस पूरे मामले को घाटशिला थाना प्रभारी खुद मौके पर आकर देख चुके हैं और जांच कर चुके हैं। इसके बावजूद कुछ विघटनकारी तत्वों द्वारा सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से इसका भ्रामक और गलत प्रचार किया जा रहा है, जो कि बेहद निंदनीय है।

बैठक में कर्मचारियों ने सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि कुछ कथित छात्र नेता कॉलेज के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों (गार्डों) को धमका रहे हैं।

इन तत्वों ने गार्ड से कहा कि— “जब हम लोग प्रिंसिपल और सीनियर प्रोफेसर का ट्रांसफर करवा सकते हैं, तो तुम लोग किस खेत की मूली हो।”

इस तरह की गुंडागर्दी और धमकियों के कारण कॉलेज के गैर-शैक्षणिक कर्मचारी डरे और सहमे हुए हैं।

शिक्षकों ने कॉलेज में तलवार और झंडा लेकर घुसने वाले छात्र के मामले पर भी स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि वह छात्र मानसिक रूप से विक्षिप्त था, जिसे घटना के तुरंत बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उस वक्त प्राचार्य डॉ. आर.के. चौधरी अवकाश पर थे। जब वे वापस लौटे, तो थाना प्रभारी की मौजूदगी में उक्त छात्र और उसके पिता को कॉलेज बुलाया गया। छात्र ने लिखित रूप से अपनी गलती मानी और पिता के पैर छूकर माफी मांगी। कॉलेज प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि दोबारा ऐसा करने पर छात्र को निष्कासित कर दिया जाएगा।

शिक्षक संघ ने कहा कि प्राचार्य डॉ. आर.के. चौधरी के नेतृत्व में कॉलेज का लगातार विकास हो रहा है। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सेमिनार हो रहे हैं और खेल के क्षेत्र में खिलाड़ी देश भर में नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसे में कुछ ऐसे छात्र और पूर्व छात्र, जिनका पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता नहीं है, वे कॉलेज का माहौल खराब करना चाहते हैं।

शिक्षक संघ और कर्मचारियों ने घाटशिला के विधायक सह कोल्हान विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य सोमेश चंद सोरेन से आग्रह किया है कि वे स्वयं कॉलेज आकर स्थिति को समझें और पूरे मामले की एसडीएम से उच्चस्तरीय जांच करवाएं, ताकि परिसर से भय का माहौल खत्म हो सके।

कुलपति सम्मेलन में भाग लेने रांची गए हैं प्राचार्य

शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. डी.सी. राम ने बताया कि प्राचार्य डॉ. आर.के. चौधरी इन दिनों रांची में आयोजित कुलपति सम्मेलन में भाग ले रहे हैं, जहां झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ‘झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 2026’ की जानकारी दी जा रही है। वे शनिवार को कॉलेज लौट आएंगे।

इस बैठक में डॉ. एसपी सिंह, प्रो. इंदल पासवान, डॉ. मोहम्मद सज्जाद, डॉ. कुमार विशाल, प्रो. अर्चना सुरीन, डॉ. संजेश तिवारी समेत भारी संख्या में प्रोफेसर और शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित थे।

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