बिहार में बड़ी कार्रवाई: सासाराम के घूसखोर CO आकाश कुमार रौनियार गिरफ्तार, 3 लाख रुपये रिश्वत लेते निगरानी टीम ने रंगेहाथ दबोचा

भ्रष्टाचार पर विजिलेंस का करारा प्रहार: अपनों से ही घूस मांग रहे थे सासाराम के सीओ साहब, 3 लाख कैश के साथ सरकारी आवास से गिरफ्तार।

Johar News Times
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बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई की है। रोहतास जिले के सासाराम में विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाकर अंचलाधिकारीको तीन लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस हाईप्रोफाइल कार्रवाई के बाद से पूरे जिला प्रशासनिक महकमे और अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया है।

निगरानी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अधिकारी की पहचान सासाराम के अंचलाधिकारी आकाश कुमार रौनियार के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि सीओ साहब किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं, बल्कि अपने ही विभाग के राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार से घूस की मांग कर रहे थे। एक विवादित जमीन के परिमार्जन कार्य को आगे बढ़ाने के एवज में सीओ द्वारा मोटी रकम का दबाव बनाया जा रहा था।

सीओ की प्रताड़ना और घूस की मांग से तंग आकर राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार ने इसकी लिखित शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग से कर दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने गुप्त रूप से मामले का सत्यापन कराया, जिसमें घूस मांगे जाने का आरोप 100 फीसदी सच पाया गया। इसके बाद डीएसपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल का गठन किया गया।

तय रणनीति के अनुसार, शुक्रवार को निगरानी की टीम सासाराम के मोड़ सराय स्थित सीओ आकाश कुमार रौनियार के सरकारी आवास के आसपास मुस्तैद हो गई। जैसे ही शिकायतकर्ता राकेश कुमार ने तीन लाख रुपये की केमिकल युक्त गड्डी सीओ को सौंपी और उन्होंने पैसे हाथ में लिए, तभी पहले से घात लगाए बैठी निगरानी टीम ने धावा बोल दिया।

“निगरानी के अधिकारियों ने सीओ को रंगेहाथ दबोच लिया। जब उनके हाथ धुलवाए गए, तो पानी का रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता वैज्ञानिक सबूत है।”

अंचलाधिकारी की गिरफ्तारी के बाद मोड़ सराय इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। विजिलेंस की टीम गिरफ्तार सीओ को कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपने साथ पटना ले गई है, जहां उन्हें विशेष निगरानी अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। निगरानी विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि इस अंचल कार्यालय में और कौन-कौन से बड़े अधिकारी या दलाल इस सिंडिकेट का हिस्सा हैं।

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