पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र से ग्रामीण एकजुटता और मानवीय संवेदना की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। गुवा की पूर्वी और पश्चिमी पंचायत ने सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल पेश करते हुए क्षेत्र के चार अत्यंत जरूरतमंद मरीजों को गोद लिया है। दोनों पंचायतों ने दो-दो गंभीर मरीजों का चयन कर अगले एक साल तक उनके संपूर्ण पोषण और इलाज का जिम्मा उठाया है।
इस मानवीय पहल के तहत इन चयनित मरीजों को एक वर्ष तक नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो सके। इसके साथ ही मरीजों के इलाज, डॉक्टरों की फीस और दवाइयों का पूरा खर्च भी पंचायत स्तर से वहन किया जाएगा।
पूर्वी पंचायत की मुखिया चांदमनी लागुरी और पश्चिमी पंचायत की मुखिया पद्मिनी लागुरी ने संयुक्त रूप से बताया कि ग्रामीण इलाकों में कई लोग आर्थिक तंगी और गरीबी के कारण उचित भोजन व सही इलाज से वंचित रह जाते हैं। कई बार बीमारी से ज्यादा लाचारी भारी पड़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंचायतों ने अपने स्तर से इन मरीजों की सुध लेने और उन्हें जीवनदान देने का निर्णय लिया है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित नोवामुंडी भाग-1 की जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा:
“गुवा की इन दो पंचायतों ने जो रास्ता दिखाया है, वह पूरे जिले और राज्य की अन्य पंचायतों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। अगर हर पंचायत अपने क्षेत्र के गंभीर और लाचार मरीजों की जिम्मेदारी उठाने लगे, तो ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था का ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा।”
पंचायत प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि सिर्फ राशन और दवा देना ही उनका मकसद नहीं है, बल्कि हर महीने डॉक्टरों की देखरेख में मरीजों की मुकम्मल स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी। डॉक्टरों के परामर्श और डाइट चार्ट के अनुसार ही उन्हें नियमित रूप से आहार व दवाइयां पहुंचाई जाएंगी।
इस सेवा कार्य के शुभारंभ के अवसर पर रोजगार सेवक कृतिधर महतो सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाज सेवी और महिला स्वयं सहायता समूहों की दीदियां मौजूद रहीं। सभी ने गोद लिए गए मरीजों के पास जाकर उनकी हौसलाअफजाई की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
