गढ़वा : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक शुरू होने से पहले जिला स्तर पर विभिन्न पदों के लिए चयनित 106 अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान उपायुक्त ने सांकेतिक रूप से 15 अभ्यर्थियों को ऑफर लेटर सौंपे।
उपायुक्त अनन्य मित्तल ने सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए निर्देश दिया कि वे सदर अस्पताल में प्रशिक्षण प्रक्रिया जल्द पूरी कर अपनी जिम्मेदारी संभालें। उन्होंने कहा कि नई नियुक्तियों से जिला प्रशासन और जनसेवा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा
इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में जिले की स्वास्थ्य संरचना, उपलब्ध संसाधनों और राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की गई। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, टीकाकरण और पोषण सेवाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा परिवार नियोजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन, सिकल सेल स्क्रीनिंग, बीपीएचयू की प्रगति और एंबुलेंस सेवाओं की भी समीक्षा की गई।
आपातकालीन सेवाओं को प्रभावी बनाने पर जोर
बैठक में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों की पहचान, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम, ब्लड बैंक की स्थिति, यूडीआईडी, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन, गैर-संचारी रोग कार्यक्रम, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक, आसाध्य रोग योजना और राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा करते हुए मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना और अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा। उपायुक्त ने अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट कर जमीनी स्तर पर कार्यों का निरीक्षण करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ कैनेडी, सदर अस्पताल उपाधीक्षक मेहरू यामिनी, डीपीएम गौरव कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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