भागदौड़ भरी जिंदगी में ‘बूस्टर’ का काम करेगा यह एक योगासन, आयुष मंत्रालय ने भी बताए इसके बेजोड़ फायदे

पद्मासन केवल एक शारीरिक मुद्रा नहीं है, बल्कि यह एक स्थिर और सुखदायक ध्यानात्मक मुद्रा है।

Johar News Times
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आज की इस तेज रफ्तार जिंदगी में हर दूसरा व्यक्ति मानसिक तनाव, एंग्जायटी और एकाग्रता (Concentration) की कमी से जूझ रहा है। इस लगातार भागती दुनिया में जहां लोग मानसिक शांति के लिए महंगे तरीके अपनाते हैं, वहीं हमारे पारंपरिक योग में एक ऐसा अचूक और प्राकृतिक उपाय है जो बिना किसी तामझाम के आपके शरीर और मस्तिष्क को रीचार्ज कर सकता है।

हम बात कर रहे हैं ‘पद्मासन’ (Lotus Pose) की। ‘पद्म’ यानी कमल के फूल जैसी आकृति वाला यह आसन न सिर्फ आपकी रीढ़ को सीधा रखता है, बल्कि आधुनिक जीवन की मानसिक थकान को दूर कर भीतर एक नई ऊर्जा भर देता है।

आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) ने क्यों माना इसे खास?

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, पद्मासन केवल एक शारीरिक मुद्रा नहीं है, बल्कि यह एक स्थिर और सुखदायक ध्यानात्मक मुद्रा है। मंत्रालय ने इसके लाभों को रेखांकित करते हुए कहा है कि यह आसन:

  • मन को तुरंत शांत करने में मदद करता है।
  • फोकस और एकाग्रता को तेजी से बढ़ाता है।
  • शरीर की आंतरिक ऊर्जा (प्राण ऊर्जा) को जागृत करने में सबसे प्रभावी है।
  • इसे योग अनुशासन का मूल आधार भी माना जाता है।

पद्मासन के 4 बड़े फायदे (Benefits of Lotus Pose)

यदि आप नियमित रूप से केवल 5 से 10 मिनट इस आसन का अभ्यास करते हैं, तो शरीर में ये बड़े बदलाव दिखते हैं:

  1. बेहतर ब्लड सर्कुलेशन: इसके अभ्यास से छाती, कंधों और हाथों में रक्त का संचार सुचारू रूप से होता है।
  2. मेटाबॉलिज्म में सुधार: यह आपके पाचन तंत्र और मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखने में सहायक है।
  3. मानसिक शांति: यह तनाव पैदा करने वाले हार्मोन को कम कर मस्तिष्क को गहरे आराम की स्थिति में लाता है।
  4. प्राण ऊर्जा का संचार: योग साधकों के अनुसार, यह शरीर के भीतर छिपी आंतरिक शक्ति और चेतना को जगाने का सबसे बेहतरीन तरीका है।

पद्मासन करने का सही तरीका (Step-by-Step Guide)

अधिकतम लाभ पाने के लिए इस आसन को सही तरीके से करना बेहद जरूरी है:

  • स्टेप 1: सबसे पहले योगा मैट पर पैरों को सीधे सामने फैलाकर (दंडासन) बैठ जाएं।
  • स्टेप 2: अब दाहिने घुटने को मोड़ें और दाहिने पैर को बाईं जांघ पर इस तरह रखें कि पैर का तलवा ऊपर की ओर हो और एड़ी नाभि के करीब आ जाए।
  • स्टेप 3: इसी प्रकार बाएं घुटने को मोड़ें और बाएं पैर को दाहिनी जांघ के ऊपर ले आएं।
  • स्टेप 4: अपनी रीढ़ की हड्डी (Spine) और गर्दन को बिल्कुल सीधा रखें।
  • स्टेप 5: अपने दोनों हाथों को घुटनों पर ‘ज्ञान मुद्रा’ (तर्जनी उंगली और अंगूठे के पोरों को आपस में मिलाकर) में रखें और आंखें बंद कर लंबी सांसें लें।

शुरुआत में पैर मोड़ने में दिक्कत हो सकती है, इसलिए शरीर पर जबरदस्ती दबाव न डालें। इसे हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार ही करें।

सावधानी: किन लोगों को नहीं करना चाहिए यह आसन?

योग हमेशा सुरक्षा के साथ किया जाना चाहिए। यदि आपको निम्नलिखित समस्याएं हैं, तो पद्मासन करने से बचें:

  • यदि आपके घुटनों, टखनों (Ankles) या कूल्हों (Hips) में कोई चोट लगी हो या गंभीर दर्द हो।
  • सायटिका या रीढ़ के निचले हिस्से में तेज दर्द होने पर बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसे न करें।
  • जमीन पर घुटनों को जबरदस्ती दबाने का प्रयास बिल्कुल न करें, इससे लिगामेंट इंजरी का खतरा हो सकता है।

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