घाटशिला के 15 दशक पुराने काडाडूबा तालाब के जीर्णोद्धार की तैयारी, 250 एकड़ खेती को मिलेगा लाभ

घाटशिला के 15 दशक पुराने काडाडूबा तालाब के जीर्णोद्धार की तैयारी, 250 एकड़ खेती को मिलेगा लाभ

Johar News Times
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घाटशिला: पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला प्रखंड स्थित दामपाड़ा क्षेत्र के ऐतिहासिक काडाडूबा तालाब के जीर्णोद्धार की दिशा में पहल शुरू हो गई है। लगभग 12 एकड़ में फैले इस तालाब के पुनरुद्धार की ग्रामीणों की दो दशक पुरानी मांग पर जल संसाधन विभाग ने कार्रवाई शुरू करते हुए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।

ग्रामीणों द्वारा ग्रामसभा से प्रस्ताव पारित कर जल संसाधन विभाग के समक्ष मांग रखने के बाद सहायक अभियंता पंकज कुमार और कनीय अभियंता सूरज सुंडी ने तालाब का निरीक्षण किया। विभाग का कहना है कि जल उपभोक्ता समिति और ग्रामसभा की अनुशंसा के आधार पर जीर्णोद्धार की योजना तैयार की जा रही है।

काडाडूबा, बांधडीह, लेदा समेत आसपास के गांवों के किसान इस तालाब पर निर्भर हैं। तालाब के पानी से करीब 200 से 250 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है। ग्रामीणों का मानना है कि गहरीकरण और संरक्षण कार्य होने पर वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

जीर्णोद्धार से होंगे कई फायदे

  • 200 से 250 एकड़ कृषि भूमि को बेहतर सिंचाई सुविधा मिलेगी।
  • करीब 10 गांवों के किसानों को सीधा लाभ होगा।
  • मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा।
  • ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
  • क्षेत्र की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

जल उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान कालीपदो पाल ने कहा कि ग्रामीण पिछले 20 वर्षों से तालाब के जीर्णोद्धार की मांग कर रहे थे। विभागीय निरीक्षण के बाद अब उम्मीद जगी है कि किसानों को जल्द राहत मिलेगी।

वहीं समिति के सचिव भागीरथ पाल और उपाध्यक्ष सरोज पाल ने कहा कि तालाब के पुनरुद्धार से खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे आसपास के गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कनीय अभियंता सूरज सुंडी ने बताया कि विभागीय निरीक्षण पूरा हो चुका है और तालाब के जीर्णोद्धार के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।

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