मॉनिटर लिजार्ड तस्करी मामला: रांची कोर्ट से तीनों आरोपियों को बेल, वन विभाग की जांच जारी

मॉनिटर लिजार्ड तस्करी मामला: रांची कोर्ट से तीनों आरोपियों को बेल, वन विभाग की जांच जारी

Johar News Times
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रांची में मॉनिटर लिजार्ड (गोह/विषखोपड़ा) के अंगों की कथित तस्करी मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को अदालत से राहत मिल गई है। एसीजेएम रवि नारायण की अदालत ने राजीव रंजन मिश्रा, उनके बेटे अविनाश रंजन और अरुण राम को जमानत दे दी।

यह मामला 14 मई का है, जब वन विभाग और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को गुप्त सूचना मिली थी कि डेली मार्केट थाना क्षेत्र स्थित होटल नटराज में मॉनिटर लिजार्ड के अंगों की अवैध खरीद-बिक्री हो रही है। सूचना के आधार पर गठित टीम ने होटल के कमरा नंबर 203 में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान एक काले प्लास्टिक बैग से मॉनिटर लिजार्ड के 30 कथित “हत्था जोड़ी” अंग बरामद किए गए थे। इसके बाद तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। हालांकि पूछताछ में आरोपियों ने बरामद सामान की जानकारी होने से इनकार किया था।

होटल प्रबंधन के मुताबिक, संबंधित कमरा पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर निवासी विष्णु कुमार गुप्ता के नाम पर बुक था। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि मॉनिटर लिजार्ड भारत में संरक्षित वन्यजीवों की श्रेणी में आता है। इसके अंगों की तस्करी को अक्सर अंधविश्वास और तांत्रिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जाता है। फिलहाल पूरे मामले की जांच वन विभाग द्वारा जारी है।

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