नर्सिंग स्टाफ से यौन उत्पीड़न मामले में डीएवी कपिलदेव स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल को 3 साल की सजा

नर्सिंग स्टाफ से यौन उत्पीड़न मामले में डीएवी कपिलदेव स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल को 3 साल की सजा

Johar News Times
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रांची के चर्चित यौन उत्पीड़न मामले में सिविल कोर्ट ने डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने शुक्रवार को सुनाया।

गुरुवार को दोषी करार, शुक्रवार को सजा

अदालत ने गुरुवार को उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और जांच रिपोर्ट के आधार पर मनोज कुमार सिन्हा को दोषी माना था। इसके बाद सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। शुक्रवार को कोर्ट ने तीन साल की कैद और आर्थिक दंड का आदेश दिया। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता खुशबू कटारुका और शुभम कटारुका ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि पीड़िता लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना और दबाव झेलती रही। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया।

मई 2022 में दर्ज हुई थी FIR

मामला मई 2022 में सामने आया था, जब स्कूल की एक महिला कर्मी ने अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर तत्कालीन प्रिंसिपल पर यौन उत्पीड़न और अश्लील मांग करने का आरोप लगाया था। शिकायत में कहा गया था कि आरोपी लगातार अनुचित व्यवहार और मानसिक दबाव बना रहा था।
एफआईआर के बाद मामला सुर्खियों में आया और स्कूल प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से मनोज कुमार सिन्हा को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने जांच के दौरान पीड़िता समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए।

जमानत मिली, फिर रद्द हुई

गिरफ्तारी के बाद नवंबर 2022 में आरोपी को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। हालांकि, पीड़िता ने आरोप लगाया कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी की ओर से समझौते का दबाव और धमकियां दी जा रही हैं। इसके बाद हाईकोर्ट में जमानत रद्द करने की याचिका दायर की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट से राहत की कोशिश की, लेकिन वहां भी याचिका खारिज हो गई। बाद में उन्होंने सरेंडर किया और फिर से जेल भेज दिए गए।

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