जमशेदपुर में नदी और पर्वत संरक्षण को लेकर शुक्रवार से दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। शहर के मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल सभागार में आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश वी. गोपाला गौड़ा और जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन में देशभर से पर्यावरणविद, जल विशेषज्ञ, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम में विधायक सरयू राय, पर्यावरण विशेषज्ञ दिनेश मिश्रा, डॉ. गोपाल शर्मा, बी. सत्यनारायणा, बिभूति देबबर्मा, अरुण कुमार शुक्ला, युगांतर भारती के अध्यक्ष अंशुल शरण, भारतीय वन सेवा के अधिकारी सिद्धार्थ त्रिपाठी तथा एमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पीयूष कांत पांडेय सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
सम्मेलन के दौरान नदी और पर्वत संरक्षण से जुड़े कानूनी, सामाजिक और पर्यावरणीय पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। शुक्रवार को आयोजित तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने पर्वत संरक्षण के लिए प्रस्तावित कानूनी मसौदे पर अपने सुझाव दिए। इस दौरान पर्यावरण सुरक्षा को लेकर नीति निर्माण और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में जल संकट, नदियों के घटते अस्तित्व, पहाड़ों में बढ़ते खनन और पर्यावरण असंतुलन जैसे मुद्दों पर गंभीर मंथन किया जाएगा। साथ ही भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में सुझाव लिए जाएंगे।
दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन युगांतर भारती, स्वर्णरेखा एरिया डेवलपमेंट ट्रस्ट, तरुण भारत संघ, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, जल बिरादरी, नेचर फाउंडेशन और मिशन वाई के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
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