NEP 2020: नई नियमावली से बढ़ी वित्त रहित शिक्षण संस्थानों की चिंता, रणनीति तय करने के लिए 25 मई को रांची में महाबैठक

कड़े होंगे प्रस्वीकृति के नियम, 25 मई को रांची में आर-पार की लड़ाई की तैयारी।

Johar News Times
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राज्य सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति 2020 को धरातल पर उतारने की कवायद तेज कर दी गई है। बीते 19 और 22 मई 2026 को हुई उच्च स्तरीय बैठकों में ‘नई नियमावली 2026’ का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। समिति के सदस्यों ने इस ड्राफ्ट पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं, जिसे जल्द ही विभागीय सचिव को सौंपा जाएगा। माना जा रहा है कि जून महीने में इस नई नियमावली को अधिसूचित कर दिया जाएगा।

इस बीच, नए नियमों के कड़े प्रावधानों को लेकर राज्य के वित्त रहित और अनुदानित शिक्षण संस्थानों में चिंता की लहर दौड़ गई है।

प्रस्वीकृति के नियम होंगे बेहद सख्त, नए संस्थान खोलना होगा चुनौतीपूर्ण

नई नियमावली लागू होने के बाद सबसे बड़ा बदलाव प्रस्वीकृति की प्रक्रिया में आने वाला है। अब विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को वर्ग 9-10 और 11-12 की प्रस्वीकृति अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साथ लेनी होगी।

इसके अलावा, सुरक्षा राशि , भवन का आकार-प्रकार और कमरों की संख्या को लेकर भी नियम बेहद कड़े किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अब सुरक्षा राशि विद्यालय प्रबंधन के पास न रहकर सीधे सरकार के खाते में जमा होगी। ‘वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ का मानना है कि इन बदलावों के बाद नए संस्थान खोलना और पुराने संस्थानों को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाएगा।

शासी निकाय और सुरक्षा कोष में भी बदलाव

संशोधित नियमावली में शासी निकाय की संरचना को भी बदला जा रहा है। इसमें दानदाताओं और अन्य सदस्यों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ महिला एवं पुरुष प्रतिनिधियों की अनिवार्य भागीदारी का प्रावधान किया गया है। बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

25 मई को रांची में जुटेंगे राज्यभर के प्राचार्य

नई नियमावली के विरोध और आगे की रणनीति तय करने के लिए वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 25 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक सर्वोदय बाल निकेतन उच्च विद्यालय, धुर्वा में सुबह 11:00 बजे से होगी।

बैठक में राज्यभर के वित्त रहित एवं अनुदानित इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा स्कूलों के प्राचार्य व प्रधानाचार्य शामिल होकर अपने विचार रखेंगे।

इस महाबैठक को सफल बनाने के लिए मोर्चा के प्रमुख सदस्यों— कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कादरी अहमद, मनीष कुमार, अरविंद सिंह, चंद्रेश्वर पाठक, देवनाथ सिंह, गणेश महतो, मनोज तिर्की, विनय उरांव, नरोत्तम सिंह, संजय कुमार, मुरारी प्रसाद सिंह, रेशमा बेक, बिरसो उरांव एवं रणजीत मिश्रा ने संयुक्त हस्ताक्षर कर सभी संबद्ध पदाधिकारियों से बैठक में शामिल होने की अपील की है।

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