चाईबासा / मेघाहातुबुरु: सेल प्रबंधन द्वारा आगामी 15 जून से नियमित कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के फैसले का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को मेघाहातुबुरु में विभिन्न श्रमिक संगठनों ने ‘संयुक्त मोर्चा’ के बैनर तले जनरल ऑफिस के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान श्रमिक नेताओं ने प्रबंधन के तानाशाही रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह विरोध जारी रहेगा।
“मामला कोर्ट में लंबित, फिर प्रबंधन को जल्दबाजी क्यों?”
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए श्रमिक नेताओं ने कहा कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस का मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में कोर्ट के अंतिम फैसले से पहले प्रबंधन द्वारा इसे जबरन लागू करने का निर्णय पूरी तरह से श्रमिक हितों और न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी है। नेताओं ने साफ किया कि कोर्ट का आदेश आने से पहले कर्मचारी किसी भी कीमत पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस नहीं बनाएंगे।
बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं पर फूटा गुस्सा, ‘रेफरल नीति’ को बताया अव्यावहारिक
प्रदर्शन के दौरान सिर्फ अटेंडेंस का ही मुद्दा नहीं गूंजा, बल्कि किरीबुरु-मेघाहातुबुरु सेल अस्पताल की जर्जर और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि:
- सेल अस्पताल में लंबे समय से महिला रोग विशेषज्ञ , ईएनटी , हड्डी रोग विशेषज्ञ और सर्जन की नियुक्ति की मांग लंबित है।
- डॉक्टरों की कमी के कारण सेल कर्मियों और उनके परिवारों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
- प्रबंधन की ‘रेफरल नीति’ बेहद जटिल और अव्यावहारिक है, जिससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों को सही समय पर बड़े अस्पतालों में रेफर करने में भारी परेशानी होती है। इसमें तुरंत सुधार की जरूरत है।
मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
संयुक्त मोर्चा ने सेल प्रबंधन को दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक कर्मचारियों की लंबित समस्याओं, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और कल्याण संबंधी मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक बायोमेट्रिक अटेंडेंस का विरोध हर स्तर पर जारी रहेगा।
इस धरने में मुख्य रूप से अफताब आलम, इंतखाब आलम, दयानंद कुमार, गुंजन कुमार, बीरबल गुड़िया, अनिल टोपनो, इलियास चाम्पिया, धनीराम लकड़ा, एसपी गुप्ता, अर्जुन पूर्ति, संतोष पांडा सहित भारी संख्या में सेल कर्मचारी और श्रमिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
