पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर चल रहे सियासी संकट के बीच विपक्षी खेमे से एक बहुत बड़ी राजनीतिक बयानबाजी सामने आई है। कांग्रेस के फायरब्रांड नेता उदित राज ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उदित राज ने दावा किया कि इंडिया गठबंधन के दौर में कुछ क्षेत्रीय नेताओं की राजनीतिक भूलों के कारण ही भारतीय जनता पार्टी को केंद्र में दोबारा सत्ता हासिल करने का मौका मिल गया।
नीतीश कुमार को बड़ी जिम्मेदारी मिलती, तो तस्वीर अलग होती
उदित राज ने विपक्षी एकता की रूपरेखा का जिक्र करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी पक्ष लिया। उन्होंने कहा:
“इंडिया गठबंधन के गठन और इसे आगे बढ़ाने में नीतीश कुमार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। अगर शुरुआत में ही उन्हें गठबंधन में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जाती और उनके इर्द-गिर्द परिस्थितियां सही रखी जातीं, तो आज देश की राष्ट्रीय राजनीति की तस्वीर कुछ और ही होती।”
राहुल गांधी को रोकने की कोशिशों ने किया गठबंधन को कमजोर
कांग्रेस नेता ने विपक्षी दलों के भीतर चल रही लीडरशिप की खींचतान पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्ष के ही कुछ नेताओं द्वारा राहुल गांधी को राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य चेहरा बनने से रोकने की राजनीतिक कोशिशें की गईं। इसी आंतरिक खींचतान और अविश्वास ने विपक्षी एकता को कमजोर करने का काम किया, जिसका सीधा फायदा भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला।
TMC के आंतरिक संकट पर ममता को दी नसीहत
ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में चल रहे कथित असंतोष और संगठनात्मक चुनौतियों पर चुटकी लेते हुए उदित राज ने उन्हें सलाह दी। उन्होंने कहा कि:
- ममता बनर्जी को गठबंधन की राजनीति के प्रति अधिक समर्पित और लचीला रुख अपनाना चाहिए।
- वर्तमान राजनीतिक हालातों को देखते हुए विपक्षी नेताओं को अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को छोड़ना होगा।
- जब तक सभी दल अपनी साझा रणनीति पर ईमानदारी से काम नहीं करेंगे, तब तक चुनौती बड़ी बनी रहेगी।
TMC की ओर से फिलहाल चुप्पी, बढ़ सकती है रार
उदित राज ने तंज कसते हुए कहा कि राजनीति में लिए गए गलत फैसलों के परिणाम समय के साथ खुद-ब-खुद सामने आ जाते हैं। हालांकि, कांग्रेस नेता के इस तीखे हमले पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पलटवार नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी के अंदरूनी संकट के समय कांग्रेस का यह हमला आने वाले दिनों में ‘इंडिया’ गठबंधन के भीतर दरार को और ज्यादा बढ़ा सकता है।
