विश्वप्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित यातायात सुविधा देने के उद्देश्य से जिला परिवहन पदाधिकारी विजय कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ मेले के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
अवैध वाहनों पर रोक और ‘वन-वे’ ट्रैफिक की मांग
बैठक के दौरान बस ऑनर्स एसोसिएशन ने देवघर-बासुकिनाथ मार्ग पर बिना वैध परमिट के धड़ल्ले से चल रहे टेंपो और मैजिक वाहनों पर पूरी तरह रोक लगाने की पुरजोर मांग की। प्रतिनिधियों का कहना था कि इन अवैध वाहनों की वजह से न सिर्फ दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, बल्कि गंभीर जाम की समस्या भी पैदा होती है।
यातायात व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए एसोसिएशन ने ‘वन-वे’ ट्रैफिक सिस्टम लागू करने का एक अहम सुझाव दिया। प्रस्ताव के अनुसार:
- देवघर से बासुकिनाथ जाने वाली बसें सारठ-पालोजोरी मार्ग से होकर भेजी जाएं।
- बासुकिनाथ से देवघर लौटने वाली बसों का संचालन मुख्य मार्ग से किया जाए।
क्लब ग्राउंड में बनेगा अस्थायी बस पड़ाव
श्रद्धालुओं और वाहन चालकों की सहूलियत के लिए एसोसिएशन ने क्लब ग्राउंड में एक अस्थायी बस पड़ाव (टेंपररी बस स्टैंड) बनाने की मांग रखी। इसके साथ ही वहां श्रद्धालुओं और वाहन कर्मियों के लिए शुद्ध पेयजल, पर्याप्त लाइटिंग (प्रकाश व्यवस्था) और सुरक्षा के लिहाज से स्थायी पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने की भी अपील की गई।
डीटीओ ने दिया आश्वासन: श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी
एसोसिएशन के तमाम सुझावों और मांगों को सुनने के बाद डीटीओ विजय कुमार ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन इन सभी बिंदुओं पर बेहद गंभीरता से विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस संबंध में आवश्यक और कड़े प्रशासनिक निर्णय लिए जाएंगे। डीटीओ ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेले के दौरान देवघर आने वाले बाबा भक्तों और स्थानीय लोगों को सुगम व सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में परिवहन विभाग के अधिकारियों सहित ट्रैफिक पुलिस और बस ऑनर्स एसोसिएशन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
