रांची, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के साथ जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के तहत झारखंड और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच हुए महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। इस दौरान उन्होंने राज्य की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं को केंद्र सरकार के समक्ष रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद झारखंड इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से लंबित पेयजल परियोजनाओं को गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था और सुदृढ़ होगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने जल सहिया दीदियों की भूमिका को और मजबूत करने तथा झारखंड के हिस्से की लंबित राशि जल्द उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

पूर्वी सिंहभूम के किसान से की सीधी बातचीत
मुख्यमंत्री ने पूर्वी सिंहभूम जिले के केसरदा पंचायत के किसान उपाध्याय जी से ऑनलाइन संवाद कर धान अधिप्राप्ति और भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य सरकार ने लाखों किसानों से 1206 करोड़ रुपये का धान खरीदा, जिसे राज्य की राइस मिलों में प्रोसेस भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दलहन अधिप्राप्ति को लेकर भी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और कृषि क्षेत्र को और मजबूती प्रदान की जा सके।
