14 June 2026 | News Bulletin | Johar News Times

Johar News Times
11 Min Read

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विशेष निमंत्रण पर अपनी पांच दिवसीय विदेश यात्रा के पहले चरण में फ्रांस के नीस पहुंच गए हैं, जहां भारतीय समुदाय और फ्रांसीसी अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस महत्वपूर्ण राजनयिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा, डिजिटल तकनीक, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। दौरे के शुरुआती चरण में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे, जिसमें एआई, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप्स जैसे भविष्य के तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष मंथन होगा। इसके तुरंत बाद, प्रधानमंत्री 16 और 17 जून को आयोजित होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां वे वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसी बड़ी चुनौतियों पर दुनिया के शीर्ष नेताओं के साथ चर्चा करेंगे। पेरिस के ‘वीवा टेक सम्मेलन’ में शामिल होने के बाद, वे अपनी यात्रा के अंतिम चरण में स्लोवाकिया के लिए रवाना होंगे। वर्ष 1993 में स्लोवाकिया के एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली ऐतिहासिक राजकीय यात्रा होगी, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार, रेलवे और औद्योगिक सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।


फ्रांस में आयोजित हो रहे G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान 17 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों नेताओं की यह आमने-सामने की मुलाकात हाल ही में एक वाणिज्यिक समुद्री जहाज पर हुए हमले और नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत को दो बार तलब किए जाने से उपजे कूटनीतिक तनाव के बीच हो रही है। हालिया तल्खियों के बाद होने वाली इस पहली बड़ी बातचीत में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री मार्गों की स्थिरता और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे रणनीतिक मुद्दों पर मुख्य फोकस रहेगा। भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी चिंताओं को अमेरिका के सामने बेहद स्पष्ट रूप से रखा है। वैश्विक मंच पर होने वाली यह वार्ता न केवल दोनों देशों के आपसी मतभेदों को सुलझाने का जरिया बनेगी, बल्कि यह वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भी एक बड़ा संदेश देगी।


अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर उपजे विवाद के बीच अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी अपनी रिपोर्ट तलब कर ली है। पीएमओ द्वारा भेजे गए पत्र को भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सौंपा, जिसके बाद दोनों के बीच बंद कमरे में हुई अहम बैठक ने हलचल तेज कर दी है। हालांकि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तमाम आरोपों को खारिज करते हुए दान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया है। इस बीच, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया है, जिसमें लखनऊ मंडलायुक्त, आईजी रेंज और वित्त विभाग के विशेष सचिव शामिल हैं। गौरतलब है कि भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने पीएमओ को पत्र लिखकर इस मामले की जांच सीबीआई और ईडी से कराने तथा दान राशि का विशेष ऑडिट कराने की मांग की थी। अब सभी की नजरें एसआईटी की जांच और पीएमओ को भेजी जाने वाली अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।


झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हस्तशिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। राज्य के 11 अनूठे उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (जीआई टैग) प्रदान किया गया है। इससे पहले राज्य में केवल सोहराय पेंटिंग को ही यह विशेष दर्जा प्राप्त था। इस ऐतिहासिक सफलता को दिलाने में नाबार्ड और झारक्राफ्ट की मुख्य भूमिका रही है। जीआई टैग पाने वाले उत्पादों में कुचाई सिल्क साड़ी, कोडरमा का केसरिया कलाकंद, डोकरा क्राफ्ट, जादोपटिया पेंटिंग, दुमका चादर, मुंडा ज्वेलरी, भगैया साड़ी, बांस शिल्प और पांची साड़ी शामिल हैं। सरायकेला-खरसावां के आदिवासी क्षेत्रों में बनने वाले कुचाई सिल्क के लिए लंबा मूल्यांकन करने के बाद यह मंजूरी दी गई है। इस बौद्धिक संपदा अधिकार से स्थानीय उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी, नकली सामानों पर रोक लगेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलने से राज्य के बुनकरों व किसानों की आय में भारी वृद्धि होगी।


झारखंड के कानूनी और राजनीतिक हलकों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां राज्य के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) राजीव रंजन ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राज्य सरकार को सौंप दिया है। हालांकि, इस अचानक उठाए गए कदम के पीछे क्या मुख्य वजहें रही हैं, इसे लेकर अभी तक महाधिवक्ता कार्यालय या सरकार की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। राजीव रंजन को वर्ष 2020 में झारखंड का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था। अपने करीब छह साल के लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में राज्य सरकार से जुड़े कई बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामलों में प्रभावी पैरवी की थी। उनके इस अप्रत्याशित इस्तीफे के बाद अब सबकी नजरें हेमंत सोरेन सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि इस अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है।


केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से चुना शाह बाबा की मजार पर चादरपोशी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश की सुख-समृद्धि, अमन-चैन और विकास के लिए विशेष दुआ मांगी गई। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने मजार पर चादर चढ़ाकर फातिहा पढ़ी और मुल्क की सलामती, सामाजिक सौहार्द तथा आपसी भाईचारे की कामना की। उपस्थित लोगों ने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और विकास की यह यात्रा आगे भी जारी रहे, इसके लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की सराहना भी की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर देश की एकता, अखंडता और सभी वर्गों के कल्याण के लिए सामूहिक दुआ की।


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पलामू के पांच लोगों को रविवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। शनिवार देर रात शवों के मेदिनीनगर पहुंचते ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के विलाप और मातमी माहौल ने हर किसी को भावुक कर दिया। जानकारी के अनुसार, मेदिनीनगर के चार मित्र और एक चालक बिहार के डेहरी में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद किछौछा शरीफ जियारत के लिए गए थे। वापसी के दौरान उनकी कार देवगांव थाना क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में अजमल आलम, सोहराब राइन, अरबाज खान, कैश आलम और हाजी अब्दुल रजाक की मौत हो गई। रविवार सुबह कन्नी राम चौक स्थित छोटी मस्जिद में जनाजे की नमाज अदा की गई। इसके बाद सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में पांचों जनाजों को अंतिम यात्रा के लिए ले जाया गया। सभी को पुलिस लाइन रोड स्थित कब्रिस्तान में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे शहर में शोक का माहौल बना रहा।


झारखंड के सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। योजना के नवीनीकरण में देरी के कारण राज्य के 80 स्कूलों को नियमित फंड नहीं मिल रहा है। इसका असर स्कूलों के संचालन और कर्मचारियों पर पड़ रहा है। करीब 30 स्कूल मैनेजर, 240 कर्मी और पीएमयू अधिकारी पिछले छह माह से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। वेतन नहीं मिलने से कई कर्मचारी नौकरी छोड़ चुके हैं। हाल ही में छात्रों की पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था में भी परेशानी आई थी। सरकार 100 नए स्कूल खोलने की तैयारी कर रही है, लेकिन मौजूदा स्कूलों का भविष्य अभी अनिश्चित बना हुआ है।


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले आयुष मंत्रालय ने नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मंत्रालय द्वारा यूट्यूब पर आयोजित लाइव योग सत्र में 4.35 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, जिससे यह रिकॉर्ड दर्ज हुआ। आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि यह उपलब्धि दुनिया भर में योग की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। उन्होंने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित होगा। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रखी गई है।


झारखंड में रुक-रुक कर हो रही बारिश से मौसम सुहाना हो गया है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 19 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 14 और 15 जून को अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटे में रामगढ़ में सबसे अधिक 15.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।


जोहार न्यूज़ टाइम्स के साथ जुड़ें और पाएं हर पल की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें।
लेटेस्ट अपडेट्स सबसे पहले पाने के लिए हमारे प्लेटफॉर्म को अभी लाइक, सब्सक्राइब और विजिट करें। joharnewstimes.com

Share This Article