झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में भाकपा-माले ने राज्य में इंडी गठबंधन के उम्मीदवारों को बिना शर्त समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा की है। रांची में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों की एकजुटता आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल, चलेगा ‘वोट बचाओ अभियान’
दीपांकर भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की निष्पक्षता पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
“झारखंड सहित देश के कई हिस्सों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि गरीब, दलित, अल्पसंख्यक और प्रवासी मजदूरों के नाम बड़ी संख्या में मतदाता सूची से जानबूझकर हटाए जा रहे हैं। यह हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है।”
इस कथित गड़बड़ी के खिलाफ भाकपा-माले ने पूरे झारखंड में ‘वोट बचाओ अभियान’ चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करने और मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक करेंगे।
नीट और पेपर लीक को लेकर युवाओं के भविष्य पर चिंता
छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर बोलते हुए माले महासचिव ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि हाल ही में NEET, CUET, CBSE और SSC जैसी बड़ी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने देश के करोड़ों युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने मांग की कि परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जाए। इसके साथ ही उन्होंने देश में लगातार बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता को लेकर भी चिंता जताई।
अगस्त तक चलेगा देशव्यापी जनअभियान: हटिया बैठक में बनी रणनीति
रांची के हटिया गेस्ट हाउस में 13 और 14 जून को भाकपा-माले की दो दिवसीय राज्य कमेटी की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में महंगाई, गरीबी, श्रमिक अधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 16 जुलाई से अगस्त 2026 तक देशव्यापी जनअभियान चलाया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में दीपांकर भट्टाचार्य के साथ भाकपा-माले के राज्य सचिव मनोज भक्त, पोलित ब्यूरो सदस्य हलधर महतो, पूर्व विधायक अरूप चटर्जी, विधायक चंद्रदेव महतो सहित कई वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
