जमशेदपुर: परसूडीह, हरहरगुट्टू और करनडीह में गंदगी का अंबार, सड़कों पर बह रहा नाले का पानी; जिप सदस्य पूर्णिमा मल्लिक ने DC को सौंपा ज्ञापन

"जमशेदपुर में फूटा जनआक्रोश: गंदगी और जाम नालों के खिलाफ डीसी दफ्तर पहुंचीं जिप सदस्य पूर्णिमा मल्लिक।"

Johar News Times
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जिला परिषद क्षेत्र अंतर्गत आने वाले परसूडीह, हरहरगुट्टू और करनडीह इलाके इन दिनों भारी गंदगी और जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। मानसून की दस्तक से ठीक पहले इन क्षेत्रों में महामारियों और भीषण बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। इसी गंभीर जनसमस्या को लेकर जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मल्लिक ने उपायुक्त ऑफिस पहुंचकर एक मांग पत्र सौंपा और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की।

बागबेड़ा की तर्ज पर JNAC संभाले सफाई का जिम्मा

ज्ञापन में जिप सदस्य पूर्णिमा मल्लिक ने मांग की है कि जिस तरह बागबेड़ा इलाके में जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के माध्यम से नियमित सफाई कार्य कराया जाता है, उसी तर्ज पर परसूडीह, हरहरगुट्टू और करनडीह में भी सफाई की स्थाई व्यवस्था की जाए। वर्तमान में इन क्षेत्रों में कचरे का अंबार लगा हुआ है और बड़े-बड़े नाले पूरी तरह जाम हो चुके हैं। नालों की सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है।

“बरसात सिर पर है और इलाके के नाले जाम हैं। अगर समय रहते जुगसलाई नगर परिषद या संबंधित निकाय के जरिए यहां युद्ध स्तर पर सफाई नहीं कराई गई, तो क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया जैसी घातक बीमारियां महामारी का रूप ले लेंगी।” — पूर्णिमा मल्लिक, जिला परिषद सदस्य

3 साल पहले हुआ शहादत/शिलान्यास, पर अब तक नहीं बनी सड़क

गंदगी के अलावा जिप सदस्य ने क्षेत्र की एक और बड़ी समस्या—शीतला चौक से व्यंगबिल तक की जर्जर सड़क का मुद्दा भी डीसी के सामने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि इस सड़क के निर्माण के लिए तकरीबन 3 वर्ष पूर्व ही शहान्यास (शिलान्यास) किया गया था। लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण आवंटित संवेदक द्वारा आज तक सड़क का काम शुरू नहीं किया गया।

सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि आए दिन यहां राहगीर और स्थानीय लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

त्वरित कार्रवाई की मांग

पूर्णिमा मल्लिक ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बरसात शुरू होने से ठीक पहले जनहित में इन सभी मांगों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड या पाबंद कर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाए और स्थानीय लोगों को गंदगी व दुर्घटनाओं से निजात दिलाई जाए।

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