जम्मू- कश्मीर के राजौरी जिले में शनिवार दोपहर सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। जानकारी के अनुसार दोरीमल के जंगलों में 2 से 3 पाकिस्तानी आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। आतंकी मूवमेंट की सूचना मिलने के बाद सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, इसी दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान जारी है।
इससे पहले फरवरी 2026 में व्हाइट नाइट काॅर्प्स ने कीशत्वर में आतंकी नेटवर्क खत्म करने का दावा किया था। सेना ने सात आतंकियों की तस्वीरें जारी करते हुए बताया था कि 326 दिनों के अभियान के बाद किश्तवाड़ में सक्रिय आतंक नेटवर्क ध्वस्त कर दिया गया। इस अभियान में जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर सैफुल्लाह भी मारा गया था, जिसे इलाके में आतंक गतिविधियों का प्रमुख माना जाता था। अभियान में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स और सेना की खुफिया एजेंसियां भी शामिल थीं।

वर्ष 2026 में सेना ने कई बड़े ऑपरेशन चलाए हैं। ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ के तहत जनवरी में चतरू बेल्ट के जंगलों में अभियान चलाया गया था, जिसमें कई मुठभेड़ हुईं और तीन आतंकियों को मार गिराया गया। वहीं 4 फरवरी को बसंतगढ़ के जोफर फॉरेस्ट एरिया में चलाए गए संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों ने UBGL का इस्तेमाल कर गुफा में छिपे दो आतंकियों को ढेर कर दिया था। वर्तमान में राजौरी में जारी ऑपरेशन पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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