भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पश्चिमी सिंहभूम जिले में ‘मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम’ युद्ध स्तर पर चल रहा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार के सीधे मार्गदर्शन में बूथ लेवल अधिकारियों की टीम घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन और डिजिटल मैपिंग कर रही है। जिले में अब तक 80 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की मैपिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले के कुल 10,84,390 मतदाताओं में से अब तक 8,68,566 मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जो कुल आबादी का 80.10 प्रतिशत है। फिलहाल 2,15,824 मतदाता (19.90 प्रतिशत) अभी अनमैप्ड हैं, जिन्हें जल्द ही कवर कर लिया जाएगा। पिछले दिनों के मुकाबले इस रफ्तार में 0.73% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विधानसभावार रिपोर्ट: मझगांव नंबर-1, चक्रधरपुर दूसरे स्थान पर
जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में मैपिंग के काम की समीक्षा की गई है, जिसमें मझगांव विधानसभा क्षेत्र सबसे आगे चल रहा है।
विधानसभावार मैपिंग की स्थिति:
- मझगांव: 82.21% (सबसे आगे)
- चक्रधरपुर: 80.98%
- चाईबासा: 79.96%
- जगन्नाथपुर: 79.10%
- मनोहरपुर: 78.23%
फर्जी और दोहरे वोटरों पर कड़ा प्रहार
घर-घर घूम रहे बीएलओ सिर्फ संख्या नहीं गिन रहे, बल्कि मतदाताओं के नाम, सटीक पता और पारिवारिक विवरण का बारीकी से मिलान कर रहे हैं। इस अभियान के तहत:
- स्थानांतरित वोटरों की पहचान की जा रही है।
- मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
- दोहरी प्रविष्टि वाले वोटरों को चिन्हित कर लिस्ट को बिल्कुल ‘क्रिस्टल क्लियर’ बनाया जा रहा है।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कड़े निर्देश दिए हैं कि जो लोग पहली बार में घर पर नहीं मिल रहे हैं, बीएलओ उनसे दोबारा संपर्क करें ताकि कोई भी छूटे नहीं।
“मतदाता सूची हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। हमारा लक्ष्य है कि जिले का एक भी पात्र नागरिक अपने इस बड़े अधिकार से वंचित न रहे। प्रशासन इस पूरे अभियान की पल-पल मॉनिटरिंग कर रहा है।” — मनीष कुमार, उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी, पश्चिमी सिंहभूम
डीसी की जनता से अपील:
उपायुक्त ने पश्चिमी सिंहभूम के आम नागरिकों से अपील की है कि जब बीएलओ आपके घर आएं, तो उन्हें सही जानकारी देकर सहयोग करें। अगर आपके वोटर कार्ड या विवरण में कोई गलती है, तो उसे समय रहते सुधरवा लें।
