गढ़वा: बिना किसी बड़े सरकारी बजट के सिर्फ जनसहभागिता और प्रशासनिक पहल के बल पर सरस्वतिया नदी को पुनर्जीवित करने का अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। गढ़वा शहर में इस अभियान के 14 दिन पूरे हो चुके हैं, जबकि मेराल क्षेत्र में भी यह मुहिम सातवें दिन में प्रवेश कर गई है। सोमवार से अभियान के अगले चरण में नदी की सफाई, चौड़ीकरण और प्राकृतिक स्वरूप बहाल करने के कार्य को और गति दी जाएगी। अभियान की निगरानी और योजना निर्माण के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। ड्रोन कैमरे और गूगल अर्थ की मदद से नदी के प्रवाह क्षेत्र का डिजिटल आकलन कर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने गढ़वा और मेराल दोनों क्षेत्रों का निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की। गढ़वा में सहीजना निवासी दीपक कुमार पाठक अभियान के प्रमुख सहयोगी के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिनकी एसडीएम ने सराहना की।
मेराल में बीडीओ-सह-अंचलाधिकारी यशवंत नायक के नेतृत्व में पूर्व जिला परिषद सदस्य संजय भगत, विधायक प्रतिनिधि लालमोहन, स्थानीय मुखिया तथा 100 से अधिक ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता श्रमदान कर रहे हैं। स्थानीय मीडिया प्रतिनिधि भी अभियान से जुड़े हुए हैं। एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि ‘आपन सरस्वतिया’ अब केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन चुका है।उन्होंने कहा कि जब समाज और प्रशासन साथ मिलकर काम करते हैं तो बिना विशेष बजट के भी बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने जिले के सामाजिक संगठनों, व्यवसायियों और सक्षम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
अभियान की प्रमुख उपलब्धियां
- नदी से गाद, झाड़-झंखाड़ और अवरोध हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनें और 2 ट्रैक्टर लगाए गए हैं।
- नदी के प्रवाह में बाधा बन रहे कई स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं।
- मेराल क्षेत्र में नदी को न्यूनतम 50 फीट चौड़ा करने का कार्य तेजी से चल रहा है।
- तेनार गांव के नागेंद्र प्रजापति निशुल्क ड्रोन सेवा देकर नदी के डिजिटल सर्वेक्षण में सहयोग कर रहे हैं।
- रेहला स्थित ग्रासिम इंडस्ट्री ने सफाई के बाद सैनिटाइजेशन के लिए 20 बोरी ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध कराया है।
प्रशासन को उम्मीद है कि जनसहयोग और तकनीक के समन्वय से सरस्वतिया नदी को अतिक्रमण मुक्त, स्वच्छ और प्राकृतिक स्वरूप में वापस लाने का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सकेगा।
