नई दिल्ली : भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है। बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बल बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने आरोप लगाया है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने कई लोगों को जबरन बांग्लादेशी क्षेत्र में भेजने का प्रयास किया। वहीं, बीएसएफ ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि बीजीबी स्वयं बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में घुसपैठ कराने की कोशिश कर रही थी।
बीजीबी के अनुसार, लालमोनिरहाट, पंचगढ़, नौगांव और चापाईनवाबगंज समेत कई सीमावर्ती इलाकों में 70 से अधिक लोगों को जीरो लाइन और नो-मैन्स लैंड पर रोका गया है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। बीजीबी ने कहा कि उसके जवान किसी भी प्रकार की अवैध घुसपैठ या ‘पुश-इन’ की कोशिश को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।
दूसरी ओर बीएसएफ ने दावा किया कि कूचबिहार के मेखलीगंज क्षेत्र में बीजीबी की मदद से 10 बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय सीमा में प्रवेश कराने की कोशिश की गई, जिसे सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया। इसके बाद इलाके में अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर गश्त बढ़ा दी गई। सीमा पर फंसे लोगों को लेकर दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। फ्लैग मीटिंग की कोशिश भी की गई, हालांकि बीजीबी के शामिल नहीं होने की बात सामने आई है।

बीजीबी के मुताबिक, नौगांव में 17 लोगों, लालमोनिरहाट के विभिन्न इलाकों में 33 लोगों और चापाईनवाबगंज में 28 लोगों को सीमा क्षेत्र में रोका गया है। इन घटनाओं के बाद सीमा पर सतर्कता और बढ़ा दी गई है। इस बीच, सीमा पर उत्पन्न हालात के बीच भारत और बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों की 57वीं सीमा समन्वय बैठक 8 से 11 जून तक नई दिल्ली में आयोजित होगी। माना जा रहा है कि बैठक में घुसपैठ, सीमा प्रबंधन और हालिया विवादों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
