चाकुलिया में बारिश बनी आफत, 20 दिनों में 12 लोगों को सांप ने डंसा

बिलों में पानी भरने से बाहर निकल रहे जहरीले सांप, राइस मिल मजदूर और 7 वर्षीय बच्चे समेत दो लोग बने शिकार

Johar News Times
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मानसून की पहली बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं चाकुलिया अंचल क्षेत्र में यह मुसीबत बनकर सामने आई है। लगातार बारिश से बिलों और गड्ढों में पानी भर जाने के कारण जहरीले सांप बाहर निकल रहे हैं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के ओपीडी प्रभारी अनिल टुडू के अनुसार 5 जून से 24 जून के बीच महज 20 दिनों में 12 लोगों को सांप ने डंसा है। इनमें 8 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। दो गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए झाड़ग्राम अस्पताल रेफर करना पड़ा। राहत की बात यह है कि सीएचसी में एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

राइस मिल मजदूर को सांप ने डंसा
मंगलवार रात नगर पंचायत क्षेत्र की एक राइस मिल में काम कर रहे धोबाशोल गांव निवासी 65 वर्षीय सपन सबर पर सांप ने हमला कर दिया। धान सिझाने के काम के दौरान प्लांट से नीचे उतरते समय नाली के पास छिपे सांप ने उनके पैर में डंस लिया। शोर सुनकर साथी मजदूर मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत सीएचसी पहुंचाया।

घर से बाहर निकलते ही बच्चे पर हमला
दूसरी घटना माटियाबांधी गांव में हुई। शाम करीब 7 बजे 7 वर्षीय आयुष महतो खेलकूद के लिए घर से बाहर निकला था। इसी दौरान अंधेरे में छिपे सांप ने उसके पैर पर डंस लिया। बच्चे की चीख सुनकर परिजन घबरा गए और तत्काल उसे अस्पताल ले गए।

अंधविश्वास छोड़ परिजनों ने दिखाई समझदारी

ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं, लेकिन दोनों मामलों में परिजनों ने तत्परता दिखाई और मरीजों को सीधे अस्पताल पहुंचाया। सीएचसी में तैनात डॉ. साहिबा सोरेन ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया। समय पर इलाज मिलने से कुछ ही घंटों में दोनों की हालत में सुधार हुआ और आवश्यक निगरानी के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।

डॉक्टरों की सलाह: सतर्क रहें, झाड़-फूंक से बचें

सीएचसी प्रभारी डॉ. रंजीत मुर्मू ने लोगों से मानसून के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों और कार्यस्थलों के आसपास पहुंच जाते हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि खेत, गोदाम, मिल या अन्य कार्यस्थलों पर काम करते समय सतर्क रहें, घर के आसपास झाड़ियां और कबाड़ जमा न होने दें तथा सर्पदंश की स्थिति में ओझा-गुनी या झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचें। उन्होंने बताया कि सीएचसी में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है।

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