रांची में कोचिंग संस्थानों पर नगर निगम का बड़ा एक्शन, आवासीय भवन में चल रहा था कोचिंग; छत पर खुली अवैध लाइब्रेरी!

रांची में कोचिंग सेंटरों पर नगर निगम की टेढ़ी नजर: सुरक्षा मानकों की खुली पोल, नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस!

Johar News Times
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झारखंड की राजधानी रांची में कोचिंग संस्थानों की मनमानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रांची नगर निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लगातार दूसरे दिन बुधवार को नगर निवेशक शाखा की टीम ने हिनू और साउथ ऑफिस पाड़ा क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक बड़े कोचिंग संस्थान में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जहां आवासीय नक्शे पर व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं और बिल्डिंग की छत पर अवैध रूप से लाइब्रेरी का संचालन हो रहा था।

अभियान के मुख्य बिंदु :

  • ताबड़तोड़ छापेमारी: हिनू स्थित फिजिक्सवाला ट्यूशन सेंटर और साउथ ऑफिस पाड़ा के फिटजी इंस्टीट्यूट समेत दर्जनों संस्थानों की हुई जांच।
  • बड़ा उल्लंघन: आवासीय स्वीकृत भवन में हो रहा था कमर्शियल इस्तेमाल, छत पर जीआई शीट डालकर बनाई गई थी अवैध लाइब्रेरी।
  • फायर सेफ्टी में लापरवाही: कई बड़े कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की भारी कमी पाई गई।

जांच में क्या-क्या खामियां मिलीं?

नगर निगम की टीम ने कोचिंग सेंटरों में भवन स्वीकृति, पार्किंग, वेंटिलेशन, सीसीटीवी कैमरे, प्रवेश-निकास मार्ग, बिजली सुरक्षा और फायर सेफ्टी की बारीकी से जांच की।

हिनू स्थित एक नामी संस्थान में पाया गया कि जी+3 भवन का स्वीकृत नक्शा तो आवासीय उपयोग के लिए है, लेकिन वहां कोचिंग चलाई जा रही थी। इतना ही नहीं, नियमों को ताक पर रखकर छत के ऊपर शेड लगाकर अवैध लाइब्रेरी खड़ी कर दी गई थी। निगम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संचालक को तुरंत वैधानिक दस्तावेज पेश करने का अल्टीमेटम दिया है।

छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़: नहीं है फायर NOC

निरीक्षण के दौरान कई कोचिंग संस्थानों में आग से निपटने के इंतजाम बेहद खराब पाए गए। अधिकारियों ने संबंधित संस्थानों को कड़ी फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश दिया है। लापरवाही बरतने वाले संस्थानों को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है।

“विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता”

नगर निगम के अधिकारियों ने साफ लहजे में कहा है कि शहर में पढ़ रहे हजारों छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी संस्थान बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करेंगे, उन्हें सील करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। आने वाले दिनों में यह अभियान राजधानी के अन्य इलाकों में भी तेजी से चलाया जाएगा।

जांच टीम में शामिल: इस विशेष अभियान में सहायक नगर निवेशक, कनीय अभियंता समेत नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मुस्तैद रहे।

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