पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन की अनूठी पहल “प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम” के तहत सोमवार को पूरे जिले में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का शानदार और सफल आयोजन किया गया। जिले को पूरी तरह से ‘रक्तयुक्त’ बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस महा-अभियान के तहत सदर चाईबासा स्थित पुलिस लाइन सहित जिले के कुल सात अलग-अलग केंद्रों पर शिविर लगाए गए, जहाँ आम जनता से लेकर पुलिस महकमे के लोगों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
डीआईजी ने खुद किया रक्तदान, बढ़ाया जवानों का हौसला
इस अभियान की सबसे खास और प्रेरणादायक तस्वीर चाईबासा पुलिस लाइन से सामने आई। यहाँ आयोजित रक्तदान शिविर में कोल्हान सिंहभूम के पुलिस उपमहानिरीक्षक ने खुद आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान किया। डीआईजी के इस कदम ने न सिर्फ पुलिस लाइन में मौजूद जवानों, बल्कि आम युवाओं का भी हौसला बढ़ाया।
इन 7 केंद्रों पर आयोजित हुआ शिविर:
प्रशासन ने सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों की सहूलियत के लिए जिले के प्रमुख सात अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को इस महा-अभियान का गवाह बनाया:
- पुलिस लाइन, सदर चाई巴सा
- सदर अस्पताल, चाईबासा
- अनुमंडल अस्पताल, चक्रधरपुर
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तांतनगर
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, झींकपानी
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, टोंटो
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मंझारी
बड़ी उपलब्धि: इन सभी सातों केंद्रों पर सुबह से लेकर शाम तक चले इस शिविर के माध्यम से कुल 235 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इसे जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मील का पत्थर मान रहा है।
क्या है “प्रोजेक्ट जागृति”?
यह जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा एक विशेष जागरूकता और स्वास्थ्य अभियान है, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों, प्रसव पीड़ित महिलाओं और एनीमिया (खून की कमी) के शिकार बच्चों के लिए समय पर सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी है। जिला प्रशासन ने इस सफल आयोजन के लिए सभी रक्तदाताओं और स्वास्थ्य कर्मियों का आभार व्यक्त किया है।
