पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर रातभर चली छापेमारी के बाद की है।
इस बीच, सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले को एक गहरी और सुनियोजित साजिश करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
“हेलमेट ने बचाई अभिषेक की जान” — ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना की गंभीरता को रेखांकित करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा:
“यह हमला बेहद खतरनाक था। अगर हमले के वक्त अभिषेक बनर्जी ने हेलमेट नहीं पहना होता, तो उनकी जान भी जा सकती थी।”
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अस्पताल में भर्ती अभिषेक बनर्जी को जल्द से जल्द डिस्चार्ज कराने के लिए भाजपा नेताओं और कुछ पुलिस अधिकारियों द्वारा अनुचित दबाव बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि दक्षिण कोलकाता के डीसीपी की ओर से भी अस्पताल प्रशासन पर इसके लिए दबाव डाला गया था।
अस्पताल से डिस्चार्ज, घर पर ही चल रहा है इलाज
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी की चिकित्सीय स्थिति को लेकर ताजा अपडेट इस प्रकार है:
- घटना के तुरंत बाद उन्हें अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें गहन आराम की सलाह दी।
- बेहतर निगरानी के लिए बाद में उन्हें बेले व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- डॉक्टरों की सलाह पर अब उन्हें घर शिफ्ट कर दिया गया है। उनके आवास पर ही ऑक्सीजन सपोर्ट और अन्य जरूरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है।
यह पूरी घटना दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर इलाके की है। भौगोलिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहां चुनाव के बाद भी हिंसा और तनाव की खबरें आती रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल हमले के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस गिरफ्तार पांचों आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश के पीछे के मुख्य चेहरों का पर्दाफाश किया जा सके।
