नूंह में नोटों की मालाओं पर पुलिस सख्त, दूल्हे को पहनाई तो देना होगा पैसों का पूरा हिसाब

नूंह में नोटों की मालाओं पर पुलिस सख्त, दूल्हे को पहनाई तो देना होगा पैसों का पूरा हिसाब

Johar News Times
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हरियाणा के नूंह जिले में शादी समारोहों के दौरान दूल्हों को नोटों की भारी-भरकम मालाएं पहनाने के बढ़ते चलन पर अब पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। नूंह पुलिस ने साफ कर दिया है कि शादी में नकदी की माला पहनाने वालों को अब उसमें लगी पाई-पाई का हिसाब देना होगा। पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर लगातार ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दूल्हों को लाखों और करोड़ों रुपये की नोटों की मालाएं पहनाई जाती दिखाई दे रही हैं।

पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि शादी समारोहों में अवैध धन, टैक्स चोरी और दिखावे के जरिए अपराध को बढ़ावा देने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फेसबुक पेज के माध्यम से चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कानून से बड़ा कोई नहीं है और अवैध धन का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस का कहना है कि इस तरह का दिखावा युवाओं को गलत संदेश देता है और मेहनत की बजाय अवैध पैसे की चमक को बढ़ावा देता है। प्रशासन का मानना है कि समाज में सादगी और कानून पालन की भावना को मजबूत करना जरूरी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भारी मात्रा में नकदी का प्रदर्शन करने वालों से पैसों का स्रोत पूछा जाएगा और यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के दायरे में वे लोग भी आएंगे जो किराये पर नकदी की मालाएं उपलब्ध कराते हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल दिखावे का मामला नहीं बल्कि काले धन और संदिग्ध लेन-देन से भी जुड़ा हो सकता है। साथ ही शादी समारोहों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष नजर रखी जाएगी ताकि लूटपाट या विवाद जैसी घटनाएं न हों।

मेवात क्षेत्र के कई सामाजिक संगठनों और जागरूक लोगों ने पुलिस की इस पहल का समर्थन किया है। इतिहासकार सिद्दिकी अहमद ने कहा कि नोटों की माला का चलन समाज में गलत संदेश देता है और इसे बंद होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि जिले के नेहदा गांव में पहले भी साले की शादी में नोटों की माला पहनाने को लेकर दो जीजाओं के बीच विवाद और मारपीट हो चुकी है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस घटना के बाद कई सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से इस पर रोक लगाने की मांग की थी।

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