रांची : मनरेगा श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, यह राशि दुर्घटना, मृत्यु और विकलांगता की स्थिति में अनुग्रह अनुदान के भुगतान पर खर्च की जाएगी। विभागीय सचिव मनोज कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मनरेगा अधिनियम, 2005 और विभागीय प्रावधानों के तहत पात्र श्रमिकों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए राशि जिलों को आवंटित की जाएगी, ताकि लाभुकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके। योजना का लाभ उन मनरेगा श्रमिकों को मिलेगा, जिन्होंने किसी वित्तीय वर्ष में कम से कम 15 दिन कार्य किया हो और जिनकी आयु 65 वर्ष से कम हो। सरकार ने मनरेगा के तहत निर्मित डोभा में डूबने से होने वाली मौतों को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया है।
अनुग्रह अनुदान की दरें
- दुर्घटना या अप्राकृतिक मृत्यु (हत्या सहित) : ₹2 लाख
- स्थायी विकलांगता/अंगभंग : ₹2 लाख
- आंशिक विकलांगता : ₹75 हजार
- सामान्य मृत्यु : ₹1 लाख
- मनरेगा डोभा में डूबने से मृत्यु : ₹1 लाख
सरकार का मानना है कि इस पहल से मनरेगा श्रमिकों और उनके परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संबल मिलेगा तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
