सेल की चार खदानों में बायोमेट्रिक हाजिरी पर टकराव, उत्पादन और परिवहन ठप

सेल की चार खदानों में बायोमेट्रिक हाजिरी पर टकराव, उत्पादन और परिवहन ठप

Johar News Times
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चाईबासा : सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) की किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया लौह अयस्क खदानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को प्रथम पाली से हजारों श्रमिकों ने बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज करने से इनकार कर दिया, जिससे उत्पादन, लोडिंग, परिवहन और अन्य खनन गतिविधियां लगभग ठप हो गईं। श्रमिकों का आरोप है कि टाइम ऑफिस से पंचिंग कार्ड, रजिस्टर और टाइम कीपर को अचानक हटा दिया गया। उनका कहना है कि बिना पूर्व सहमति और स्पष्ट आदेश के पुरानी व्यवस्था समाप्त कर दी गई, जिससे वे हाजिरी दर्ज किए बिना कार्यस्थल तक नहीं पहुंच सके।

विरोध में कई स्थानों पर कर्मचारियों ने टाइम ऑफिस और मोटर गैरेज के बाहर प्रदर्शन किया तथा टायर जलाकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। विवाद उस समय और बढ़ गया जब 14 जून की रात्रि पाली के श्रमिक ड्यूटी समाप्ति के बाद कार्ड आउट करने पहुंचे, लेकिन वहां से पंचिंग कार्ड हटाए जा चुके थे। मजदूर नेता राजेंद्र सिंधिया ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों पर बायोमेट्रिक प्रणाली थोपने की कोशिश की जा रही है। वहीं वरिष्ठ मजदूर नेता रामा पाण्डे ने कहा कि यह मामला मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए अंतिम निर्णय तक पुरानी व्यवस्था जारी रखी जानी चाहिए।

यूनियनों का कहना है कि वे बायोमेट्रिक प्रणाली के विरोध में नहीं हैं, लेकिन फेस रीडिंग आधारित नई व्यवस्था को बिना यूनियनों को विश्वास में लिए और स्टैंडिंग ऑर्डर में संशोधन किए लागू किया जा रहा है। कर्मचारियों के अवकाश, सेवा शर्तों और अन्य सुविधाओं की सुरक्षा को लेकर अब तक कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है। चारों खदानों में कामकाज प्रभावित होने से सेल को प्रतिदिन करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है। फिलहाल प्रबंधन नई व्यवस्था लागू करने पर अड़ा है, जबकि श्रमिक पुरानी हाजिरी प्रणाली बहाल करने की मांग पर कायम हैं। समाधान नहीं निकलने पर विवाद के बड़े औद्योगिक आंदोलन में बदलने की आशंका जताई जा रही है।

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