घाटशिला : सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) की नेशनल जॉइंट कमेटी ऑफ कॉपर (एनजेसीसी) की अहम बैठक कोलकाता स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता एचसीएल के सीएमडी संजीव कुमार सिंह ने की। इसमें कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों, निदेशकों और मान्यता प्राप्त यूनियनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में कर्मचारियों और ठेका मजदूरों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर सहमति बनी, जिसे मजदूर वर्ग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
बैठक में इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स (आईसीसी) यूनिट की ओर से यूनियन अध्यक्ष बीएन सिंहदेव और महासचिव ओमप्रकाश सिंह ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। चर्चा के बाद प्रबंधन और यूनियनों के बीच कई मांगों पर सहमति बनी।
ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख
एनजेसीसी बैठक में स्थायी कर्मचारियों को सबसे बड़ी राहत ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने के रूप में मिली। अब तक कर्मचारियों को अधिकतम 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी का लाभ मिलता था, जिसे बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है। अधिकारियों को यह सुविधा पहले ही दी जा चुकी थी, जबकि मजदूरों के लिए फैसला लंबित था। अब इस निर्णय के लागू होने से आईसीसी समेत एचसीएल की विभिन्न इकाइयों में कार्यरत स्थायी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। अकेले इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स में लगभग 145 स्थायी मजदूर इससे सीधे लाभान्वित होंगे।
एक्सग्रेशिया भुगतान के लिए नया फार्मूला तय
बैठक में दुर्गा पूजा से पहले दिए जाने वाले एक्सग्रेशिया भुगतान को लेकर भी महत्वपूर्ण सहमति बनी। अब तक इसकी राशि तय करने को लेकर हर साल प्रबंधन और यूनियनों के बीच लंबी बातचीत और मतभेद की स्थिति बनती थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए दोनों पक्षों ने एक नया फार्मूला स्वीकार किया है। नए फार्मूले के तहत एक्सग्रेशिया की राशि कंपनी के उत्पादन और लाभ के आधार पर निर्धारित होगी। इससे कर्मचारियों को कंपनी के बेहतर प्रदर्शन का सीधा लाभ मिलेगा। सूत्रों के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में एचसीएल ने रिकॉर्ड मुनाफा अर्जित किया है, जिसका सकारात्मक असर इस वर्ष के एक्सग्रेशिया भुगतान पर देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि कर्मियों को इस बार कम से कम 35 हजार रुपये तक एक्सग्रेशिया मिल सकता है।
ठेका मजदूरों के वेतन में 15 फीसदी बढ़ोतरी
एनजेसीसी बैठक से ठेका मजदूरों के लिए भी बड़ी राहत की घोषणा हुई। लंबे समय से विभिन्न मजदूर संगठनों द्वारा उठाई जा रही मांग को स्वीकार करते हुए प्रबंधन ने ठेका मजदूरों के बेसिक वेतन में 15 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का लाभ मऊभंडार, सुरदा, सुरदा फेज-दो, राखा और केंदाडीह माइंस में कार्यरत हजारों ठेका मजदूरों को मिलेगा। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस वृद्धि से मजदूरों के मासिक वेतन में एक हजार से तीन हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
मजदूर हित में ऐतिहासिक निर्णय
गौरतलब है कि हाल ही में मऊभंडार दौरे के दौरान सीएमडी संजीव कुमार सिंह ने संकेत दिया था कि कंपनी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के हितों को लेकर गंभीर है और जल्द सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। एनजेसीसी बैठक में लिए गए फैसलों से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रबंधन और यूनियनों ने कर्मचारियों तथा ठेका मजदूरों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। ग्रेच्युटी में वृद्धि, एक्सग्रेशिया भुगतान के लिए नया फार्मूला और ठेका मजदूरों के वेतन में बढ़ोतरी जैसे फैसलों को एचसीएल कर्मियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं आईसीसी वर्कर्स यूनियन के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है। यूनियन महासचिव ओमप्रकाश सिंह लंबे समय से स्थायी और अस्थायी मजदूरों के हितों की लड़ाई लड़ते रहे हैं, जिसका परिणाम अब इन महत्वपूर्ण निर्णयों के रूप में सामने आया है।
