कोल्हान यूनिवर्सिटी में रिजल्ट का ‘महाब्लैकआउट’: 5 साल का सबसे खराब परिणाम, 47% छात्र फेल; कई कॉलेजों में रिजल्ट शून्य!

"कोल्हान यूनिवर्सिटी का ऐतिहासिक फ्लॉप शो: आधे छात्र फेल, कई कॉलेजों के बड़े-बड़े विभागों में रिजल्ट रहा 'शून्य'; एक साल की देरी के बाद भविष्य से खिलवाड़!"

Johar News Times
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कोल्हान विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी चार वर्षीय स्नातक (सत्र 2022–26) के छठे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम ने सबको चौंका दिया है। इस बार का रिजल्ट पिछले पांच वर्षों के इतिहास में सबसे खराब दर्ज किया गया है। परीक्षा में शामिल कुल लगभग 25 हजार छात्र-छात्राओं में से करीब 47 प्रतिशत विद्यार्थी प्रमोट या फेल हो गए हैं। कई प्रतिष्ठित कॉलेजों में तो स्थिति इतनी भयावह है कि कुछ मुख्य विषयों में 100 फीसदी छात्र फेल हो गए हैं।

हिंदी और इतिहास जैसे विषयों में भी डूबी लुटिया

आमतौर पर स्कोरिंग माने जाने वाले हिंदी और इतिहास जैसे विषयों में भी इस बार छात्रों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। कॉलेजों से आए आंकड़ों के मुताबिक:

  • एबीएम कॉलेज (जमशेदपुर): हिंदी विषय में 60% से अधिक छात्र फेल।
  • टाटा कॉलेज (चाईबासा): हिंदी में 65% छात्र हुए असफल।
  • एलबीएसएम कॉलेज: हिंदी विषय में 52% छात्र प्रमोट या फेल।
  • केएस कॉलेज (सरायकेला): हिंदी में फेल होने वालों का आंकड़ा सबसे ज्यादा 75% रहा।

इसके अलावा इतिहास विषय में भी अधिकांश कॉलेजों में 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी परीक्षा पास नहीं कर सके।

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कोल्हान यूनिवर्सिटी के कई टॉप और नामी कॉलेजों के कुछ विभागों में रिजल्ट पूरी तरह ‘शून्य’ रहा। यानी इन विषयों में परीक्षा देने वाला एक भी छात्र पास नहीं हो सका:

  • करीम सिटी कॉलेज: मनोविज्ञान और वनस्पति विज्ञान में 100% फेल
  • कोऑपरेटिव कॉलेज: मनोविज्ञान, सांख्यिकी , वनस्पति विज्ञान और जूलॉजी में 100% फेल
  • ग्रेजुएट कॉलेज (महिला): मानवशास्त्र और दर्शनशास्त्र में 100% फेल
  • महिला कॉलेज चाईबासा: गणित, कंप्यूटर साइंस, भौतिकी और जूलॉजी में 100% फेल
  • बहरागोड़ा कॉलेज: दर्शनशास्त्र, रसायनशास्त्र और भौतिकी में 100% फेल
  • घाटशिला कॉलेज व जेएलएन कॉलेज: रसायनशास्त्र में 100% फेल
  • केएस कॉलेज खरसावां: भूगोल और वनस्पति विज्ञान में 100% फेल
  • एलबीएसएम कॉलेज: वनस्पति विज्ञान में 100% फेल
  • टाटा कॉलेज चाईबासा: ओड़िया और मनोविज्ञान में 100% फेल

एक साल की देरी से आया रिजल्ट, छात्रों का भविष्य अधर में

इस खराब रिजल्ट के साथ ही विश्वविद्यालय की लेट-लतीफी पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह परीक्षा परिणाम अपने निर्धारित समय से लगभग एक साल की देरी से जारी किया गया है।

छात्रों का फूटा गुस्सा: पीड़ित छात्रों का कहना है कि सत्र में देरी के कारण उनका पूरा एक साल बर्बाद हो चुका है। नियमतः उन्हें अब तक पीजी के दूसरे सेमेस्टर में होना चाहिए था, लेकिन वे अभी यूजी में ही लटके हैं। इतने खराब रिजल्ट के बाद अब आगे की पढ़ाई और पीजी में दाखिले की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि कॉपियों का मूल्यांकन पूरी पारदर्शिता से हुआ है और छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं में जैसा लिखा है, उन्हें उसी के आधार पर अंक दिए गए हैं।

पीजी एडमिशन की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

तमाम विवादों और हंगामे के बीच कोल्हान यूनिवर्सिटी ने पीजी में नामांकन की प्रक्रिया तेज करने का दावा किया है। विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार, अगले एक से दो दिनों के भीतर पीजी एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि घोषित कर दी जाएगी।

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