पोटका प्रखंड के डोमजूरी पंचायत की मुखिया अनीता मुर्मू ने यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के नरवा प्रोजेक्ट कार्मिक प्रबंधक से मुलाकात कर स्थानीय समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मुखिया ने मुख्य रूप से राजदोहा पंचायत की गुर्रा नदी पर बनी बड़ी पुलिया की सुरक्षा और यूरेनियम ढुलाई से होने वाले खतरों सहित तीन ज्वलंत मुद्दों पर अविलंब कार्रवाई करने की मांग की है।
UCIL प्रबंधन ने इन जनहित से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
‘मानगो पुल’ की तर्ज पर नरवा पुलिया पर भी लगे जाली
मुखिया अनीता मुर्मू ने ज्ञापन में सबसे प्रमुखता से पुलिया से हो रही आत्महत्या की घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा:
“आजकल आए दिन मानसिक तनाव के कारण कई युवक-युवतियां नरवा पुलिया से नदी में कूदकर अपनी जान दे रहे हैं, जिससे हंसते-खेलते परिवार तबाह हो रहे हैं। जमशेदपुर के मानगो पुल पर भी ऐसी घटनाओं के बाद लोहे की ऊंची जाली लगाई गई थी। ठीक उसी तर्ज पर नरवा पुलिया के दोनों तरफ भी ऊंची जाली लगाई जाए ताकि सुसाइड की घटनाओं पर रोक लग सके।”
यूरेनियम की ओवरलोडिंग से रेडिएशन और हादसे का खतरा
मुखिया ने नरवा खदान से हाइवा और डंपरों के जरिए होने वाली यूरेनियम अयस्क की ढुलाई पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने प्रबंधन का ध्यान इन खतरों की ओर खींचा:
- ओवरलोडिंग के कारण गाड़ियों से यूरेनियम के बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिरते हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
- रेडिएशन युक्त पत्थर खुले में गिरने और इसकी जहरीली धूल उड़ने से आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है, जो स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
- मुखिया ने मांग की है कि यूरेनियम लदे वाहनों को अनिवार्य रूप से तिरपाल से ढककर ही भेजा जाए ताकि आम जनता सुरक्षित रहे।
अंधेरा और झाड़ियों से कमजोर हो रहा है पुल
ज्ञापन में पुलिया के रख-रखाव को लेकर भी चिंता जताई गई है। पुलिया के दोनों तरफ सड़कों के किनारे भारी झाड़ियां उग आई हैं, जिससे पुल का ढांचा कमजोर हो रहा है। साथ ही सड़क पर जगह-जगह खतरनाक गड्ढे बन गए हैं। मुखिया ने इन गड्ढों को भरने और राहगीरों की सुरक्षा के लिए पुलिया पर तत्काल स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करने की मांग की है।
