क्या कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने पर भी आ सकता है हार्ट अटैक? एक्सपर्ट्स ने चेताया, बताया ये ‘छिपा हुआ विलेन’

आमतौर पर लोग मानते हैं कि अगर उनका LDL, HDL और ट्राइग्लिसराइड्स कंट्रोल में है, तो उनका दिल पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सोच जानलेवा साबित हो सकती है।

Johar News Times
4 Min Read

बदलती लाइफस्टाइल और तनाव के कारण भारत समेत दुनिया भर में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि अब 30 से 40 साल के युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं, वो भी तब जब उनकी सामान्य कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट पूरी तरह से ‘नॉर्मल’ होती है।

आमतौर पर लोग मानते हैं कि अगर उनका LDL, HDL और ट्राइग्लिसराइड्स कंट्रोल में है, तो उनका दिल पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सोच जानलेवा साबित हो सकती है। सामान्य लिपिड प्रोफाइल टेस्ट में एक ऐसा ‘छिपा हुआ खतरा’ होता है जो पकड़ में नहीं आता, और यही हार्ट अटैक की बड़ी वजह बन रहा है।

क्या है Lp(a), जिसे डॉक्टर्स बता रहे हैं ‘साइलेंट किलर’?

मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस छिपे हुए खतरे का नाम है Lipoprotein(a) यानी Lp(a)। यह एक खास तरह का कोलेस्ट्रॉल कण (Particle) होता है।

  • बनावट: यह दिखने में LDL (Bad Cholesterol) जैसा ही होता है, लेकिन इसमें एक अतिरिक्त प्रोटीन जुड़ा होता है।
  • असर: यह प्रोटीन रक्त नलिकाओं (Arteries) में ब्लॉकेज और चर्बी जमा होने की प्रक्रिया को बेहद तेज कर देता है।
  • दिक्कत: सबसे बड़ी चुनौती यह है कि नॉर्मल लिपिड प्रोफाइल टेस्ट में Lp(a) की जांच नहीं होती। इसलिए आपकी सामान्य रिपोर्ट नॉर्मल दिखने के बावजूद दिल को गंभीर खतरा हो सकता है।

भारत में क्यों बढ़ रहा है खतरा?

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) और भारतीय डॉक्टरों के अनुसार, भारत में पश्चिमी देशों की तुलना में 10 से 15 साल पहले दिल की बीमारियां लोगों को अपना शिकार बना रही हैं। भारत में होने वाली कुल मौतों में एक बड़ा हिस्सा हार्ट डिसीज का है।

इसके पीछे मुख्य कारण जेनेटिक्स (अनुवांशिकता) है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शरीर में Lp(a) का स्तर पूरी तरह से हमारे जींस (Genes) पर निर्भर करता है। यही वजह है कि डाइट सुधारने या हैवी एक्सरसाइज करने के बाद भी इसका लेवल कम करना आसान नहीं होता।

किन्हें है सबसे ज्यादा खतरा? (Risk Factors)

अगर आपकी लाइफस्टाइल अच्छी है, तब भी आपको सतर्क रहने की जरूरत है। डॉक्टरों के अनुसार, निम्नलिखित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए:

  1. फैमिली हिस्ट्री: जिनके परिवार में किसी को कम उम्र में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या दिल की बीमारी रही हो।
  2. लाइफस्टाइल और अन्य बीमारियां: हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज (मधुमेह), मोटापा और सुस्त दिनचर्या वाले लोग।
  3. छिपे हुए मार्कर: जिन लोगों का सामान्य कोलेस्ट्रॉल ठीक है लेकिन फिर भी दिल में दिक्कत के लक्षण दिख रहे हैं।

बचाव के लिए एक्सपर्ट्स की सला

“डॉक्टरों का कहना है कि हर व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार Lp(a) टेस्ट जरूर करवाना चाहिए, खासकर तब जब परिवार में हार्ट की बीमारी का इतिहास हो।”

हालांकि Lp(a) को सीधे दवाओं या डाइट से कम करना थोड़ा मुश्किल माना जाता है, लेकिन अगर समय रहते इसकी जानकारी मिल जाए, तो डॉक्टर अन्य जोखिम कारकों जैसे— LDL कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को सख्ती से कंट्रोल करके हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक टाल सकते हैं।

Share This Article