गर्मियों में खाएं इन 5 आटों की रोटी, पेट रहेगा कूल; भूलकर भी न छुएं ये चीजें वरना बिगड़ जाएगा डाइजेशन!

गर्मियों में वरदान हैं ज्वार-जौ और रागी की रोटी, जानिए इस मौसम में किन आटों से कर लेना चाहिए तौबा

Johar News Times
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गर्मियों के मौसम में सेहतमंद रहने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। इस मौसम में अक्सर लोग फल और सब्जियों में तो बदलाव कर लेते हैं, लेकिन डेली डाइट का सबसे मुख्य हिस्सा यानी ‘रोटी’ पर ध्यान देना भूल जाते हैं। गलत आटे का चुनाव गर्मियों में आपके पेट को खराब कर सकता है, क्योंकि कुछ अनाजों की तासीर गर्म होती है जो एसिडिटी, गैस और अपच का कारण बनती है। न्यूज़ पोर्टल के लिए तैयार की गई यह गाइड आपको बताएगी कि इस मौसम में आपको कौन से आटे की रोटी खानी चाहिए और किनसे बिल्कुल परहेज करना चाहिए।

गर्मियों में वरदान हैं इन आटों की रोटियां

गर्मियों में हमेशा ऐसे आटे का चुनाव करना चाहिए जो तासीर में ठंडे हों और पचाने में बेहद हल्के हों।

  • ज्वार के आटे की रोटी: ज्वार की तासीर ठंडी होती है और यह पूरी तरह से ग्लूटेन-फ्री है। जिन लोगों को गर्मियों में गेहूं खाने से भारीपन या गैस की समस्या होती है, उनके लिए ज्वार बेस्ट विकल्प है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज से बचाता है।
  • जौ के आटे की रोटी: जौ का आटा बॉडी टेंपरेचर (शरीर के तापमान) को बैलेंस रखने में जादुई काम करता है। फाइबर से भरपूर होने के कारण यह पेट को ठंडा रखता है और ब्लोटिंग (पेट फूलना) की समस्या को दूर करता है।
  • चावल के आटे की रोटी: चावल की रोटी पचने में सबसे हल्की होती है। इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह तपती गर्मी में शरीर को अंदरूनी ठंडक देती है और पेट को भी भरा रखती है।
  • रागी की रोटी: मशहूर शेफ पंकज भदौरिया के अनुसार, गर्मियों में रागी का सेवन शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। यह न सिर्फ कैल्शियम और अमीनो एसिड से भरपूर है, बल्कि पसीने के जरिए शरीर से निकलने वाले जरूरी मिनरल्स की कमी को भी पूरा करती है।
  • पारंपरिक गेहूं की रोटी: गेहूं की रोटी सदाबहार है। इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर होता है। हालांकि, गर्मियों में इसका पूरा फायदा लेने के लिए इसे लौकी, तोरी, टिंडा जैसी पानी वाली सब्जियों या दही-रायते के साथ खाना चाहिए।
  • हल्की मल्टीग्रेन रोटी: आप गेहूं, ज्वार और जौ को एक सीमित और संतुलित मात्रा में मिलाकर हल्की मल्टीग्रेन रोटी तैयार कर सकते हैं। यह शरीर को बिना भारीपन दिए सभी जरूरी पोषक तत्व और प्रोटीन प्रदान करती है।

भूलकर भी न खाएं ये रोटियां, पेट हो सकता है खराब

कुछ आटे शरीर में गर्मी को बढ़ा देते हैं, जिससे पाचन तंत्र बिगड़ सकता है। गर्मियों में इन आटों से दूरी बना लें:

  • बाजरे के आटे की रोटी: बाजरा न्यूट्रिशन से भरपूर जरूर होता है, लेकिन इसकी तासीर बेहद गर्म होती है। गर्मियों में बाजरा खाने से एसिडिटी, गंभीर कब्ज और शरीर में हीट बढ़ सकती है।
  • मक्के के आटे की रोटी: मक्के की रोटी सर्दियों की जान है, लेकिन गर्मियों में यह पेट की दुश्मन बन सकती है। इसकी गर्म तासीर के कारण डाइजेशन खराब होने का खतरा रहता है।
  • भारी मल्टीग्रेन रोटी: बाजार में मिलने वाले कुछ मल्टीग्रेन आटों में बाजरा और मक्का ज्यादा मात्रा में मिला होता है। गर्मियों में ऐसा भारी मिक्सचर खाने से बचें।
  • मैदे की रोटी या नान: मैदा पचने में सबसे ज्यादा समय लेता है। गर्मियों में मैदे से बनी रोटियां या तंदूरी नान खाने से सुस्ती, पेट फूलना, एसिडिटी और कब्ज की समस्या काफी बढ़ जाती है।

गर्मियों में पेट को दुरुस्त रखने के लिए रोटी का साइज थोड़ा छोटा रखें और उसके साथ पानी से भरपूर हरी सब्जियों तथा छाछ/दही को अपनी थाली में जरूर शामिल करें।

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