डुमरिया/गुड़ाबांदा: गुड़ाबांदा प्रखंड के नाईकानसोल गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पिछले 15 वर्षों से स्थायी भवन का इंतजार कर रहा है। विभागीय उदासीनता और निर्माण कार्य में देरी के कारण केंद्र फिलहाल एक जर्जर सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है, जहां बच्चों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
जर्जर भवन में चल रही कक्षाएं
केंद्र में न तो बिजली की समुचित व्यवस्था है और न ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध है। बच्चों को चापाकल का आयरनयुक्त पानी पीना पड़ता है। बरसात के दिनों में भवन की छत टपकती है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
चूल्हे के धुएं से परेशान बच्चे
आंगनबाड़ी केंद्र में मध्याह्न भोजन और पोषाहार लकड़ी के चूल्हे पर तैयार किया जाता है। बच्चों के पढ़ाई वाले कमरे के ठीक सामने भोजन पकाए जाने से धुआं सीधे कक्षाओं में भर जाता है, जिससे बच्चों को सांस लेने और पढ़ाई करने में परेशानी होती है।
निर्माणाधीन भवन का काम कछुआ गति से
केंद्र की सेविका सालगे हांसदा ने बताया कि यहां 21 बच्चे नामांकित हैं। आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है, लेकिन निर्माण एजेंसी की धीमी कार्यशैली के कारण काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। भवन कब तैयार होगा, इसकी स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जा रही है।

ग्रामीणों ने दी चेतावनी
ग्रामीणों ने मांग की है कि मानसून से पहले नए भवन का निर्माण पूरा कर केंद्र को सौंपा जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो बरसात में बच्चों को गंभीर समस्याओं और जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
