मनरेगा हड़ताल पर सरकार सख्त, काम पर लौटने का अल्टीमेटम; संविदा रद्द करने की चेतावनी

मनरेगा हड़ताल पर सरकार सख्त, काम पर लौटने का अल्टीमेटम; संविदा रद्द करने की चेतावनी

Johar News Times
2 Min Read

रांची : झारखंड में पिछले ढाई महीने से जारी मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य सरकार के निर्देश के बाद कई जिलों में हड़ताली कर्मियों को तत्काल काम पर लौटने का नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने पर संविदा रद्द कर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जा सकती है।

मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय कुमार बर्णवाल के निर्देश के बाद गढ़वा, गुमला और लोहरदगा जिला प्रशासन ने हड़ताल पर गए कर्मियों को चेतावनी जारी की है। गढ़वा में दो दिनों के भीतर काम पर लौटने का निर्देश दिया गया है, जबकि गुमला में एक सप्ताह की मोहलत दी गई है। लोहरदगा प्रशासन ने भी तत्काल प्रभाव से सेवा में लौटने का आदेश जारी किया है। सरकार का कहना है कि मनरेगा एक मांग आधारित योजना है, जिसके तहत ग्रामीणों को 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना कानूनी दायित्व है। हड़ताल के कारण कई जिलों में रोजगार सृजन और विकास योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्रों के अनुसार रांची, पलामू, लातेहार, चतरा और सिमडेगा समेत अन्य जिलों में भी हड़ताली कर्मियों की सूची तैयार की जा रही है। जिला प्रशासनों से रिपोर्ट मांगी गई है और जल्द ही वहां भी कार्रवाई शुरू हो सकती है। गौरतलब है कि झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के बैनर तले राज्यभर के मनरेगा कर्मी 12 मार्च 2026 से हड़ताल पर हैं। कर्मचारी नियमितीकरण, सेवा नियमावली, मानदेय वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा और सेवा सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संघ ने मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

Share This Article