अकेली राह पर लग रहा है डर? घबराएं नहीं, इन 4 हेल्पलाइन नंबरों और SOS ट्रिक्स से खुद को रखें सुरक्षित

"आपकी सुरक्षा आपके हाथ: संकट के समय घबराएं नहीं, इन आपातकालीन नंबरों को मोबाइल में आज ही करें सेव!"

Johar News Times
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आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, जिसके चलते उन्हें अक्सर देर रात या सुनसान रास्तों पर अकेले सफर करना पड़ता है। हालांकि, कई बार ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षा को लेकर मन में डर या असुरक्षा की भावना आ जाती है। यदि आप भी कभी सड़क पर अकेली चल रही हैं और आपको कोई खतरा या असहजता महसूस हो, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में सूझबूझ और सही जानकारी ही आपका सबसे बड़ा हथियार बनती है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई प्रभावी आपातकालीन नंबर और तकनीकी सुविधाएं शुरू की गई हैं। आइए जानते हैं संकट के समय काम आने वाले उन लाइफ-सेविंग हेल्पलाइन नंबरों और सुरक्षा कदमों के बारे में, जो हर महिला को पता होने चाहिए:

आपातकाल में तुरंत डायल करें ये 4 हेल्पलाइन नंबर

  • 112 (राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर): यह पूरे भारत के लिए एक सिंगल इमरजेंसी नंबर है। इस पर कॉल करते ही पुलिस, एम्बुलेंस और अग्निशमन दल जैसी आपातकालीन सेवाएं तुरंत हरकत में आ जाती हैं।
  • 181 (महिला हेल्पलाइन): यह सरकार द्वारा संचालित 24 घंटे एक्टिव रहने वाली हेल्पलाइन है। संकट में फंसी महिलाओं को यह तुरंत पुलिस सहायता, कानूनी परामर्श या मेडिकल मदद उपलब्ध कराती है।
  • 1091 (विमेंस डिस्ट्रेस हेल्पलाइन): यह विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों और आपातकालीन सुरक्षा के लिए समर्पित विमेन सेल का नंबर है।
  • 1098 (चाइल्ड एंड विमेन हेल्प): यदि कोई कम उम्र की लड़की या महिला किसी भी प्रकार के संकट में है, तो यह देशव्यापी सहायता नंबर तुरंत मदद पहुंचाता है।

संकट के समय तुरंत उठाएं ये 4 जरूरी कदम

1. भीड़-भाड़ वाली सुरक्षित जगह चुनें: जैसे ही आपको असुरक्षा का अहसास हो, तुरंत किसी व्यस्त या रोशनी वाली जगह जैसे मेडिकल स्टोर, एटीएम, पेट्रोल पंप या किसी चालू दुकान की तरफ बढ़ें। सुनसान रास्तों पर रुकने से बचें।

2. फोन का ‘SOS’ फीचर एक्टिवेट करें: आधुनिक स्मार्टफोन्स में इन-बिल्ट SOS फीचर होता है। पावर बटन को लगातार 3 बार दबाने से आपके परिजनों को आपकी लोकेशन के साथ इमरजेंसी अलर्ट चला जाता है।

3. लाइव लोकेशन शेयर करें और ऐप्स का उपयोग करें: अपने किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य को तुरंत अपनी ‘Live Location’ व्हाट्सएप पर भेजें। इसके अलावा मोबाइल में 112 India App या ‘My Safetipin’ जैसे सुरक्षा ऐप्स जरूर डाउनलोड रखें।

4. शोर मचाएं और ध्यान भटकाएं: अगर आपको पक्का अंदेशा हो कि कोई आपका पीछा कर रहा है, तो बिना डरे ज़ोर से चिल्लाएं या शोर मचाएं। आप फोन निकालकर एक्टिंग भी कर सकती हैं कि कोई आपके बेहद करीब है या आप किसी पुलिस वाले से बात कर रही हैं।

यदि आपको रास्ते में कोई पुलिस पेट्रोलिंग वैन या ‘निर्भया स्क्वॉड’ की गाड़ी दिखाई दे, तो बिना झिझक सीधे उनके पास जाकर मदद मांगें।

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