चाईबासा सीमेंट कारखाना बचाने की प्रधानमंत्री से भावुक गुहार, सेवानिवृत्त अधिकारी की पत्नी ने लिखा पत्र

चाईबासा सीमेंट कारखाना: बंद पड़े प्लांट को बचाने के लिए PM मोदी से भावुक अपील, क्या फिर लौटेगी कोल्हान की रौनक?

Johar News Times
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पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी स्थित ऐतिहासिक चाईबासा सीमेंट कारखाने को स्थायी रूप से बंद किए जाने के फैसले के खिलाफ आवाज एक बार फिर बुलंद होने लगी है। कारखाने के पूर्व महाप्रबंधक सुरेंद्र सिंह की पत्नी किरण सिंह (निवासी: वाराणसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बेहद भावुक पत्र लिखा है। उन्होंने पीएम से इस औद्योगिक इकाई को पुनर्जीवित करने और कोल्हान के हजारों परिवारों के भविष्य को बचाने की अपील की है।

किरण सिंह ने अपने पत्र में चाईबासा सीमेंट कारखाने को केवल एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि पूरे कोल्हान क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक जीवनरेखा बताया है।

पत्र की मुख्य और बड़ी बातें:

  • किरण सिंह ने लिखा कि उनके पति ने इस संयंत्र में 38 साल तक अपनी सेवा दी। इस दौरान यह कारखाना विशेष रूप से आदिवासी समुदाय और हजारों परिवारों के लिए रोजगार व विकास का सबसे बड़ा सहारा बना रहा।
  • पत्र में साल 2004 का जिक्र करते हुए बताया गया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में संयंत्र का विस्तार हुआ था। तब 4,000 टन क्षमता की क्लिंकर यूनिट लगने से उत्पादन बढ़ा था और करीब 2,000 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिला था।
  • संयंत्र परिसर में बने करीब 900 आवासीय क्वार्टर आज भी इस बात की गवाही देते हैं कि यह क्षेत्र कभी कितना समृद्ध और गुलजार हुआ करता था।

आखिर क्यों बंद हुआ कारखाना?

किरण सिंह ने पत्र में कारखाने की बंदी की मुख्य वजह खनन पट्टों के नवीनीकरण से जुड़ी कानूनी और प्रशासनिक अड़चनों को बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि यदि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बेहतर समन्वय के साथ प्रयास करें, तो इन समस्याओं को आसानी से सुलझाया जा सकता है और कारखाने को दोबारा चालू किया जा सकता है।

“दुनिया से विदा होने से पहले देखना चाहती हूँ रौनक”

पत्र के आखिरी हिस्से में उन्होंने बेहद भावुक होते हुए लिखा:

“इस कारखाने की गूंज ने हमारे समेत हजारों परिवारों का जीवन संवारा है। आज इसकी खामोशी गहरे दुख से भर देती है। प्रधानमंत्री जी, हमारी पीढ़ी के इस दुनिया से विदा होने से पहले चाईबासा सीमेंट कारखाने में एक बार फिर रोजगार, विकास और उम्मीदों की रौनक लौट आए, यही प्रार्थना है।”

उन्होंने बाबा विश्वनाथ से पीएम मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना करते हुए अपना पत्र समाप्त किया है।

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