क्या सच में आलू खाने से होती है एसिडिटी? जानें सेहत से जुड़ा यह बड़ा सच और खाने का सही तरीका

भारतीय रसोई में आलू को 'सब्जियों का राजा' कहा जाता है।

Johar News Times
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भारतीय रसोई में आलू को ‘सब्जियों का राजा’ कहा जाता है। सुबह के नाश्ते से लेकर रात के डिनर तक, आलू किसी न किसी रूप में हमारी थाली का हिस्सा बन ही जाता है। लेकिन, अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि आलू खाने के बाद उन्हें पेट में जलन, गैस, भारीपन या एसिडिटी होने लगती है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या वाकई आलू एसिडिटी की मुख्य वजह है?

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो समस्या आलू में नहीं, बल्कि उसे पकाने के तरीके और आपकी पाचन क्षमता में छिपी है। आइए जानते हैं इसके पीछे का पूरा सच।

क्या सच में आलू खाने से बनती है गैस?

एक हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, आलू में रेजिस्टेंट स्टार्च (Resistant Starch) पाया जाता है। यह एक ऐसा स्टार्च है जो हमारी छोटी आंत में पूरी तरह नहीं पच पाता और सीधे बड़ी आंत में पहुंच जाता है।

  • फर्मेंटेशन की प्रक्रिया: बड़ी आंत में मौजूद गुड बैक्टीरिया जब इस स्टार्च को फर्मेंट (Ferment) करते हैं, तो गैस रिलीज होती है।
  • सेंसिटिव डाइजेशन: जिन लोगों का डाइजेशन सिस्टम संवेदनशील होता है, उन्हें इस प्रक्रिया के कारण पेट फूलने, भारीपन और एसिडिटी की शिकायत होने लगती है।

किन लोगों को बरतनी चाहिए ज्यादा सावधानी?

यूं तो आलू को पाचन के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में यह परेशानी बढ़ा सकता है:

  • IBS के मरीज: जो लोग इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) या क्रोनिक डाइजेशन की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें ज्यादा आलू खाने से बचना चाहिए।
  • अधिक मात्रा में सेवन: बहुत अधिक मात्रा में आलू खाने से किसी भी सामान्य व्यक्ति को पेट दर्द या असहजता हो सकती है।

आलू खाने का सही तरीका: इन बातों का रखें खास ध्यान

अगर आप आलू के शौकीन हैं और एसिडिटी से बचना चाहते हैं, तो अपने कुकिंग स्टाइल में ये बदलाव करें:

  • तैयारी का तरीका बदलें: उबले (Boiled) या बेक किए गए आलू आसानी से पच जाते हैं। इसके विपरीत, फ्रेंच फ्राइज, चिप्स या ज्यादा तेल-मसाले वाली आलू की सब्जी पेट पर दबाव डालती है। तैलीय भोजन पाचन को धीमा करता है, जिससे एसिडिटी बढ़ती है।
  • हरे और अंकुरित आलू को कहें ‘ना’: कभी भी हरे रंग के या अंकुरित (Sprouted) आलू का इस्तेमाल न करें। इनमें सोलनाइन (Solanine) नामक प्राकृतिक टॉक्सिक (जहरीला) तत्व बढ़ जाता है, जो पेट दर्द, उल्टी और मतली की वजह बन सकता है।

अगर आपको लगातार आलू खाने के बाद एसिडिटी हो रही है, तो कुछ दिनों तक अपनी डाइट का रिकॉर्ड रखें। नोटिस करें कि आलू किस रूप में (उबला, फ्राई या सब्जी) और कितनी मात्रा में खाने पर दिक्कत हो रही है। इससे आपको अपनी बॉडी का सही ट्रिगर समझने में मदद मिलेगी।

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