टाटा स्टील ग्रेड रिवीजन पर आज अहम वार्ता, 10,800 कर्मचारियों को वेतन समझौते का इंतजार

टाटा स्टील ग्रेड रिवीजन पर आज अहम वार्ता, 10,800 कर्मचारियों को वेतन समझौते का इंतजार

Johar News Times
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जमशेदपुर: टाटा स्टील में लंबे समय से लंबित ग्रेड रिवीजन समझौते पर जल्द फैसला होने की उम्मीद बढ़ गई है। कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर अत्रेयी सान्याल वार्ता के लिए जमशेदपुर पहुंच चुकी हैं, जबकि टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी भी नई दिल्ली से शहर लौट आए हैं। गुरुवार को कंपनी प्रबंधन और यूनियन नेतृत्व के बीच महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है।

टाटा स्टील के करीब 10,800 कर्मचारियों का वेतन समझौता 1 जनवरी 2025 से लंबित है। अब तक हुई वार्ताओं में मिनिमम गारंटीड बेनिफिट, एनएस ग्रेड कर्मचारियों के बेसिक वेतन में वृद्धि और नए भत्तों को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। हालांकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत तेज होने से समझौते पर जल्द मुहर लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

इधर, उच्चतर पेंशन योजना को लेकर भी कर्मचारियों को राहत के बजाय नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने दूसरी बार डिमांड नोटिस जारी कर अतिरिक्त राशि जमा करने को कहा है। ईपीएफओ के अनुसार पहले अक्टूबर 2025 तक के वेतन विवरण के आधार पर राशि तय की गई थी, लेकिन बाद में जांच में कर्मचारियों की ईपीएस से बाहर निकलने की वास्तविक तिथि दिसंबर 2025 पाई गई।

इसके बाद नवंबर-दिसंबर 2025 के वेतन विवरण को जोड़कर पुनर्मूल्यांकन किया गया है। परिणामस्वरूप कई कर्मचारियों को 33,042 रुपये की अंतर राशि तथा ब्याज सहित कुल 33,723 रुपये तक जमा करने का नोटिस भेजा गया है। यह राशि क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, जमशेदपुर के पक्ष में डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करनी होगी। ड्राफ्ट के पीछे नाम, पावती संख्या, यूएएन, पीपीओ और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा, जबकि सभी दस्तावेजों का सत्यापन टाटा स्टील द्वारा कराया जाएगा। कर्मचारियों की नजर अब एक ओर लंबित ग्रेड रिवीजन समझौते पर है, तो दूसरी ओर ईपीएफओ की अतिरिक्त मांग पर, जिसका असर हजारों कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति पर पड़ सकता है।

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