झारखंड की युवा पीढ़ी को अपराध मुक्त और सुरक्षित माहौल देने के उद्देश्य से रांची पुलिस का विशेष जागरूकता अभियान तेजी से जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जगन्नाथपुर स्थित डीपीएस स्कूल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस के आला अधिकारियों ने मोर्चा संभालते हुए छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, महिला-बाल सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुद संभाली कमान
इस खास ‘पाठशाला’ में रांची पुलिस के कई सीनियर ऑफिसर्स खुद छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचे। इनमें ट्रैफिक एसपी, ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक डीएसपी और हटिया डीएसपी मुख्य रूप से शामिल थे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधे वन-टू-वन संवाद किया और व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए रोजमर्रा की जिंदगी में सुरक्षित रहने के तरीके बताए।
इन 4 मुख्य विषयों पर दी गई विस्तृत जानकारी:
- डिजिटल दुनिया में बढ़ रहे खतरों, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया।
- मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और इसके सेवन से जीवन व करियर पर पड़ने वाले घातक व जानलेवा दुष्प्रभावों के प्रति छात्रों को सचेत किया गया।
- सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन करने, कम उम्र में ड्राइविंग न करने और हेलमेट/सीटबेल्ट की अहमियत समझाई गई।
- कानून द्वारा महिलाओं और बच्चों को दिए गए अधिकारों, सुरक्षा से जुड़े नियमों और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
“जागरूकता ही अपराध और दुर्घटनाओं की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही हम एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।” — कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी
छात्रों ने पूछे तीखे सवाल, पुलिस ने दूर की जिज्ञासा
यह कार्यक्रम केवल वन-वे संवाद नहीं था, बल्कि छात्र-छात्राओं ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों से जुड़े कई पेचीदा सवाल अधिकारियों से पूछे, जिनका पुलिस टीम ने बेहद सरल, व्यावहारिक और संतोषजनक तरीके से जवाब दिया।
जिम्मेदार नागरिक बनने की ली शपथ
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ दिलाई। साथ ही अपील की कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध को देखें, तो डरें नहीं बल्कि तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें। इस मौके पर स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
