कोयलांचल धनबाद में महज 10 मिनट के भीतर घरेलू और जरूरी सामान घर-घर पहुंचाने का दावा करने वाली ऑनलाइन डिलीवरी सेवा ‘ब्लिंकिट’ के पहिये बुधवार को थम गए। सरायढेला स्थित ब्लिंकिट डार्क स्टोर के 80 से अधिक डिलीवरी राइडर्स अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते शहर के बड़े हिस्से में ब्लिंकिट की सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गईं। आक्रोशित कर्मचारियों ने रणधीर वर्मा चौक पर जुटकर कंपनी प्रबंधन और स्थानीय मैनेजर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।
भीषण गर्मी में 12 घंटे काम, पर कमाई सिर्फ 500 रुपये
प्रदर्शनकारी डिलीवरी बॉयज का कहना है कि इस भीषण गर्मी में भी वे रोजाना 10 से 12 घंटे तक लगातार काम करते हैं, लेकिन तमाम खर्चों के बाद उनकी दैनिक आय करीब 500 रुपये ही रह जाती है। इस बढ़ती महंगाई में इतने कम पैसों में परिवार चलाना नामुमकिन हो गया है।
राइडर्स की मुख्य मांगें:
- 1 किलोमीटर के दायरे में होने वाली डिलीवरी पर न्यूनतम 20 रुपये का भुगतान तय हो।
- 5 किलोमीटर तक की दूरी की डिलीवरी पर मिलने वाले 35-37 रुपये को बढ़ाकर सीधे 50 रुपये किया जाए।
- 5 किलोमीटर से अधिक दूरी की डिलीवरी पर मिलने वाले 12-13 रुपये प्रति किलोमीटर के रेट को बढ़ाकर 20 रुपये प्रति किलोमीटर किया जाए।
- मौजूदा परिस्थितियों और पेट्रोल के दामों को देखते हुए प्रतिदिन कम से कम 900 से 1000 रुपये की आय सुनिश्चित हो।
लोकल मैनेजमेंट पर प्रताड़ना और आईडी ब्लॉक करने का आरोप
हड़ताली कर्मचारियों ने स्थानीय प्रबंधन पर मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि जब भी कोई कर्मचारी अपने हक की आवाज उठाता है, तो उसे नौकरी से निकालने या ऐप पर उसकी ‘आईडी ब्लॉक’ करने की धमकी दी जाती है। राइडर्स का दावा है कि अब तक आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों की आईडी बिना किसी स्पष्ट और वैध कारण के बंद की जा चुकी है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सोनू कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा:
“जब तक कंपनी प्रबंधन हमारे पे-आउट की व्यवस्था में सुधार नहीं करता और बिना वजह ब्लॉक की गई हमारे साथियों की आईडी को दोबारा बहाल नहीं किया जाता, तब तक यह हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगी।”
इस विरोध प्रदर्शन में सोनू कुमार, सचिन माझी, चंदन कुमार समेत बहुत बड़ी संख्या में ब्लिंकिट के डिलीवरी राइडर्स शामिल रहे।
