श्रमिकों के लिए बड़ा प्लान: सीएम हेमंत सोरेन ने दिया डिजिटल डेटाबेस, प्रवासी ट्रैकिंग और मॉडल आईटीआई विकसित करने का निर्देश

श्रमिकों के लिए बड़ा प्लान: सीएम हेमंत सोरेन ने दिया डिजिटल डेटाबेस, प्रवासी ट्रैकिंग और मॉडल आईटीआई विकसित करने का निर्देश

Johar News Times
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रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने राज्य के असंगठित, निर्माण और प्रवासी श्रमिकों के लिए मजबूत तंत्र विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रमिकों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के असंगठित, निर्माण एवं प्रवासी श्रमिकों का अद्यतन डिजिटल डेटाबेस जल्द तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में कार्यरत झारखंडी श्रमिकों की मैपिंग और ट्रैकिंग के लिए एक सशक्त पोर्टल विकसित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने प्रवासी श्रमिकों की सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न राज्यों में हेल्पलाइन और प्रवासी सहायता केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने श्रमिकों के पंजीकरण अभियान को तेज करने, विशेष शिविर आयोजित कर ई-श्रम एवं अन्य पोर्टलों पर अधिक से अधिक श्रमिकों का निबंधन सुनिश्चित करने पर बल दिया।

सुरक्षा और रोजगार पर विशेष जोर

हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रमिकों को सेफ्टी किट, सुरक्षा उपकरण और कार्यस्थलों पर निर्धारित सुरक्षा मानकों का लाभ सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नई कार्ययोजना तथा रोजगारोन्मुखी नीतियां तैयार कर जल्द प्रस्तुत करने को कहा। मुख्यमंत्री ने राज्यभर के श्रमिक चौक और श्रमिक पड़ावों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त “श्रमिक चौक-सह-सुविधा केंद्र” के रूप में विकसित करने का भी निर्देश दिया, ताकि श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

हर जिले में विकसित होगा मॉडल आईटीआई

कौशल विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में एक मॉडल आईटीआई विकसित करने तथा आईटीआई संस्थानों की ग्रेडिंग कर आधुनिक और उच्च मूल्य वाले कृषि आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक मशीनों, प्रयोगशालाओं और स्मार्ट क्लासरूम से सुसज्जित करने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए मजबूत प्लेसमेंट और रोजगार श्रृंखला विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।

युवाओं से की सीधी बातचीत

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत युवा सूरज और अनिमा से ऑनलाइन संवाद कर जमीनी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने युवाओं के अनुभव और सुझाव भी सुने। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि राज्य के युवाओं को कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।

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