बालूमाथ: ‘रफ्तार के कहर’ से सहमे लोग, तुबेद कोलियरी के हाईवा वाहनों के खिलाफ ग्रामीणों ने चक्का जाम कर जताया विरोध

रफ्तार के कहर से दहले ग्रामीण: बालूमाथ में तुबेद कोलियरी के हाईवा वाहनों के खिलाफ फूटा गुस्सा, स्टेट हाईवे पर किया जोरदार चक्का जाम।

Johar News Times
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तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ आखिरकार ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। कोमर मोड़ के समीप आक्रोशित ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे को लगभग एक घंटे तक पूरी तरह जाम रखा। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि तुबेद कोलियरी से रेलवे साइडिंग तक चौबीसों घंटे दौड़ने वाले सैकड़ों हाईवा वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और प्रदूषण ने उनका जीना मुहाल कर दिया है।

जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और काफी समझाने व ठोस आश्वासन के बाद जाम को हटाया जा सका।

रात भर ‘ब्रेकर तड़पाते’ हैं हाईवा, बुजुर्गों और बच्चों की टूटी नींद

सड़क किनारे बसे परिवारों और ग्रामीणों ने अपनी गंभीर समस्याओं को साझा करते हुए कहा:

  • कोमर मोड़ के पास स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक) बने होने के बावजूद हाईवा चालक गाड़ियों की रफ्तार धीमी नहीं करते, बल्कि फुल स्पीड में ही गाड़ी को ब्रेकर के ऊपर से ‘तड़पाते’ हुए पार करते हैं।
  • रात के सन्नाटे में जब ये भारी वाहन तेज आवाज के साथ ब्रेकर पार करते हैं, तो होने वाले जोरदार धमाके से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की नींद टूट जाती है। लोग रात भर डर के साए में जीने को मजबूर हैं।
  • कोयला लदे वाहनों से उड़ने वाली धूल के कारण सड़क किनारे रहने वाले लोगों को सांस संबंधी बीमारियां हो रही हैं।

ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस जानलेवा रफ्तार और प्रदूषण की समस्या को लेकर कई बार जिला प्रशासन, जिला परिवहन पदाधिकारी और स्थानीय पुलिस को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी अनदेखी से तंग आकर ग्रामीणों को सड़क पर उतरना पड़ा।

  1. रिहायशी इलाकों और कोमर मोड़ के पास हाईवा वाहनों की रफ्तार को सख्ती से नियंत्रित किया जाए।
  2. धूल और प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए कोलियरी प्रबंधन द्वारा सड़क पर दिन में कई बार पानी का छिड़काव कराया जाए।
  3. सड़क किनारे रहने वाले परिवारों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए।

घंटों चले हंगामे और पुलिस प्रशासन द्वारा कोलियरी प्रबंधन से बात कर मांगों को पूरा कराने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

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