जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत गलत जानकारी देकर लाभ लेने वालों पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। दस्तावेजों की जांच और भौतिक सत्यापन के बाद पूरी तरह अपात्र पाई गई 4,068 लाभुकों से अब तक प्राप्त राशि की शत-प्रतिशत वसूली की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही गलत विवरण या फर्जी दस्तावेज देकर योजना का लाभ लेने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
जिला प्रशासन की जांच में अब तक 6,974 लाभुकों के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। इनमें डुप्लिकेट, मृत तथा अन्य कारणों से अपात्र पाए गए लाभुक शामिल हैं। इससे पहले जिले में एक पुरुष द्वारा योजना का लाभ लेने का मामला भी सामने आया था, जिसके बाद उससे पूरी राशि वापस कराई गई थी। वहीं बिहार की मूल निवासी 142 महिला लाभुकों को भी चिन्हित किया गया है। जिले में मंईयां सम्मान योजना के कुल 3,07,071 पंजीकृत लाभुक हैं। अब तक हुए सत्यापन में 2,89,019 लाभुकों को पात्र पाया गया है, जो कुल लाभार्थियों का लगभग 90 प्रतिशत है। फिलहाल 11,078 लाभुकों का सत्यापन कार्य बाकी है।
सामाजिक सुरक्षा विभाग की प्रभारी सहायक निदेशक रूपा रानी तिर्की ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अपात्र लाभुकों के खिलाफ नियमानुसार रिकवरी और विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में नॉन-डीबीटी भुगतान से जुड़ी अनियमितताएं भी सामने आई हैं, जिनका भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, शेष आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद जिले में योजना के वास्तविक लाभार्थियों की अंतिम और स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। प्रशासन ने संकेत दिया है कि सरकारी योजनाओं में गलत जानकारी देकर लाभ लेने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
