आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ तेजी से, पारदर्शी और आसान तरीके से देने के लिए पाकुड़ जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। जिले के सभी अंचलों में 15 जून से 17 जून 2026 तक पंचायत स्तर पर विशेष प्रमाण-पत्र शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय विशेष अभियान के तहत स्थानीय निवासी, जाति और आय प्रमाण-पत्र के आवेदनों को मौके पर ही लिया जाएगा, उनकी जांच होगी और उनका त्वरित निष्पादन किया जाएगा।
डीसी मेघा भारद्वाज ने की तैयारियों की समीक्षा
इस महा-अभियान को सफल बनाने के लिए उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी अंचल अधिकारियों और संबंधित पदाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में शिविरों के संचालन, आवेदनों के निपटारे और ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों को इसका लाभ पहुंचाने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा:
“स्थानीय निवासी, जाति और आय प्रमाण-पत्र ‘झारखंड सेवा देने की गारंटी अधिनियम, 2011’ के तहत आते हैं, जिनकी एक तय समय-सीमा है। शिविरों में आने वाले सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।”
मुखिया, स्वयंसेवक और पंचायत सचिव संभालेंगे कमान
डीसी ने निर्देश दिया कि इस अभियान की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए मुखिया, पंचायत सचिव, स्वयंसेवकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।
- शिविर स्थलों पर ही दस्तावेजों की जांच, स्थानीय सत्यापन (लोकल वेरिफिकेशन) और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
- सत्यापन को आसान बनाने के लिए पंचायत सचिवों और वार्ड प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
- अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ज्यादा से ज्यादा आवेदनों का शिविर में ही अंतिम निष्पादन करें और संभव हो तो प्रमाण-पत्र का प्रिंट निकालकर लाभुकों को हाथों-हाथ सौंपें।
प्रशासन को सौंपनी होगी रिपोर्ट
तीन दिवसीय विशेष अभियान के दौरान अधिकतम संख्या में प्रमाण-पत्र जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही सभी प्रखंडों को शिविर के सफल आयोजन, बांटे गए प्रमाण-पत्रों की संख्या और जनसहभागिता को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है, ताकि इस अभियान की उपलब्धियों का सही रिकॉर्ड रखा जा सके।
