रांची, झारखंड हाईकोर्ट ने चारा घोटाले से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में निचली अदालत के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें दिवंगत आरोपी एसबी सिन्हा के घर से जब्त सोने-चांदी के गहने उनके परिजनों को लौटाने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने मामले में रवि सिन्हा समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सीबीआई की याचिका पर हुई सुनवाई
जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में सीबीआई द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई हुई। सीबीआई ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें वर्ष 1999 में जब्त किए गए लगभग 38 लाख रुपये मूल्य के जेवरात को परिजनों को सौंपने की बात कही गई थी। हाईकोर्ट ने सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद आदेश के क्रियान्वयन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
1999 की छापेमारी में जब्त हुए थे गहने
सीबीआई की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक भारती ने अदालत को बताया कि चारा घोटाले के आरसी-68/96 मामले की जांच के दौरान 13 और 14 मई 1999 को एसबी सिन्हा के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इसी दौरान करीब 38 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के गहने बरामद किए गए थे।
2018 में हो चुकी है सजा
सीबीआई के अनुसार, रवि सिन्हा चारा घोटाले के आरोपी दिवंगत एसबी सिन्हा के पुत्र हैं। उन्हें वर्ष 2018 में सीबीआई की विशेष अदालत ने आरसी-68/96 मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। हालांकि उस फैसले के खिलाफ उनकी अपील फिलहाल झारखंड हाईकोर्ट में लंबित है। मामले के मुख्य आरोपी एसबी सिन्हा का निधन वर्ष 1999 में हो गया था, जबकि उनकी पत्नी रमा सिन्हा का निधन 2011 में हुआ। अब हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई नोटिस के जवाब मिलने के बाद होगी।
