मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी रांची में जलजमाव और बाढ़ जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए रांची नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मानसून प्रबंधन को लेकर अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं। इसके साथ ही निगम ने राजस्व बढ़ाने के लिए होल्डिंग टैक्स वसूली और भू-गर्भ जल बचाने के लिए अवैध बोरिंग के खिलाफ भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
1. आपात स्थितियों के लिए 11 क्विक रिस्पांस टीमें तैयार
मानसून के दौरान जलजमाव, पेड़ गिरने या नाले ब्लॉक होने जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए निगम ने 11 क्विक रिस्पांस टीमें गठित की हैं।
- 10 टीमें: शहर के अलग-अलग जोनों और संवेदनशील इलाकों में तैनात रहेंगी।
- 1 विशेष टीम: किसी भी गंभीर या बड़ी आपातकालीन परिस्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य के लिए रिजर्व रहेगी।
2. 24 घंटे एक्टिव रहेगा कंट्रोल रूम, इन नंबरों पर करें शिकायत
बारिश के दौरान नागरिकों की समस्याओं को तुरंत दूर करने के लिए नगर निगम का सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम अब 24 घंटे काम करेगा। जलजमाव या पेड़ गिरने की स्थिति में नागरिक इन नंबरों पर सूचना दे सकते हैं:
- टोल फ्री नंबर: 1800-570-1235
- मोबाइल नंबर: 9431104429
3. नालों की सफाई और सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर बैन
जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए हाई पावर मोटर पंप, अतिरिक्त जेसीबी और स्किड लोडर की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों के आसपास 500 मीटर के दायरे में विशेष सफाई अभियान चलेगा। चूंकि प्लास्टिक कचरा नालियों को चोक करता है, इसलिए सिंगल यूज प्लास्टिक और प्रतिबंधित कैरी बैग के खिलाफ निगम विशेष जब्ती अभियान चलाएगा।
“मानसून के दौरान बेहतर जल निकासी व्यवस्था और नागरिकों को त्वरित राहत उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” — सुशांत गौरव, नगर आयुक्त (रांची)
4. 30 जून तक होल्डिंग टैक्स जमा करने पर 10% की छूट
वित्तीय वर्ष 2026-27 में रांची नगर निगम अब तक 32 करोड़ रुपये का होल्डिंग टैक्स वसूल चुका है। 30 जून तक 50 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य रखा गया है। टैक्स दाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए 30 जून तक एकमुश्त होल्डिंग टैक्स जमा करने पर अधिकतम 10 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।
5. अवैध बोरिंग पर कड़ा एक्शन: अब 4 इंच बोरिंग के लिए भी NOC जरूरी
भू-गर्भ जल के अंधाधुंध दोहन को रोकने के लिए नगर निगम ने बड़े फैसले लिए हैं:
- बिना अनुमति के चल रही 6 इंच की व्यावसायिक बोरिंग पर सीधी कानूनी कार्रवाई होगी।
- अब घरेलू इस्तेमाल वाली 4 इंच की बोरिंग के लिए भी नगर निगम से एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
- इंफोर्समेंट टीमों को शहर के विभिन्न इलाकों में अवैध बोरिंग की पहचान कर जुर्माना लगाने का निर्देश दिया गया है।
निगम ने इसके साथ ही सभी राजधानीवासियों से वर्षा जल संचयन अपनाने और शहर को साफ रखने में सहयोग की अपील की है।
