उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में राजस्व एवं भू-अर्जन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व प्रशासन से जुड़े विभिन्न मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए लंबित म्यूटेशन, न्यायालयीन मामलों के निष्पादन, भूमि अतिक्रमण हटाने और अभिलेखों के डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल, भूमि सुधार उप समाहर्ता सरायकेला एवं चांडिल, सभी अंचल अधिकारी तथा विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने दाखिल-खारिज मामलों के अंचलवार निष्पादन की स्थिति का आकलन करते हुए लंबित मामलों को विभागीय नियमों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त और वैधानिक कारण के किसी भी आवेदन को अस्वीकृत नहीं किया जाए तथा तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय स्थापित किया जाए।
उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी न्यायालय से आदेशित मामलों के बावजूद लंबित म्यूटेशन आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने तथा अगली समीक्षा बैठक तक उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में राजस्व अभिलेखों के रखरखाव और डिजिटलीकरण की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी अंचल कार्यालयों में संबंधित मौजों के नक्शा एवं खतियान उपलब्ध रखने तथा अनुपलब्ध अभिलेखों को शीघ्र प्राप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने महत्वपूर्ण दस्तावेजों के डिजिटलीकरण और सुरक्षित डिजिटल संधारण पर भी बल दिया।
भूमि अतिक्रमण और सरकारी भूमि संरक्षण के मुद्दे पर उपायुक्त ने लंबित मामलों के समाधान के लिए विशेष शिविर आयोजित करने तथा जलस्रोतों एवं सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राष्ट्रीय एवं राज्यीय मार्गों के किनारे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए नियमित निरीक्षण करने को भी कहा गया।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लंबित लाभुकों के ई-केवाईसी कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने शेष लाभुकों का सत्यापन कार्य शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। साथ ही शहर और बाजार क्षेत्रों में अवैध वाहन पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कदम उठाने को कहा।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को राजस्व प्रशासन से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिकों को बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
