पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच, तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में संभावित विलय को लेकर सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि ममता बनर्जी इस विलय प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपना सकती हैं, हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ममता को उपाध्यक्ष और अभिषेक को महासचिव बनाने का प्रस्ताव!
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान की ओर से सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को कांग्रेस का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने और अभिषेक बनर्जी को महासचिव का महत्वपूर्ण पद देने का प्रस्ताव रखा है। बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने इस बड़े फैसले पर अंतिम मुहर लगाने से पहले कांग्रेस नेतृत्व से कुछ समय मांगा है।
अभिषेक बनर्जी की ‘बड़ी शर्त’ ने चौंकाया
इस बीच, दिल्ली में राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की मुलाकात को लेकर भी कई दावे किए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में अभिषेक बनर्जी ने एक बड़ी शर्त सामने रखी है। उन्होंने मांग की है कि ममता बनर्जी को राज्यसभा भेजा जाए और उन्हें राज्यसभा में विपक्ष का नेता बनाया जाए। गौरतलब है कि वर्तमान में यह अहम पद मल्लिकार्जुन खरगे के पास है। हालांकि, इस दावे की भी अभी तक आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
मुलाकातों का दौर तेज: 10 जनपथ पर सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात के ठीक अगले ही दिन राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच बैठक हुई। इन बैक-टू-बैक मुलाकातों के बाद विपक्षी एकजुटता और विलय की अटकलों को और हवा मिल गई है।
इस्तीफों और असंतोष से TMC में मची खलबली
चुनाव के बाद से ही टीएमसी के भीतर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में कई विधायकों के बागी रुख अपनाने की चर्चाएं हैं। वहीं, सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर राय के इस्तीफों ने आग में घी डालने का काम किया है। इसके अलावा, सांसद काकोली घोष दस्तीदार और सायोनी घोष के नाम भी पार्टी के हालिया घटनाक्रमों में लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं।
फिलहाल आधिकारिक मुहर का इंतजार
भले ही राजनीतिक गलियारों में इस महा-विलय को लेकर दावों का दौर जारी है, लेकिन कांग्रेस और टीएमसी दोनों ही दलों ने अब तक किसी भी आधिकारिक समझौते, विलय या पदों के प्रस्ताव की घोषणा नहीं की है। ऐसे में यह पूरा घटनाक्रम फिलहाल सूत्रों और कयासों पर ही टिका हुआ है।
